अपराध करने के बाद अक्सर अपराधी छुपकर बैठ जाते हैंं पर कानपुर में दराेगा काे गाेली मारने के बाद बादमाश ने एक घर का ताला ताेड़ दिया। जब उसे वहां कुछ खास नहीं दिखा ताे अाराम से रात के अंधेरे में भाग निकला।
कानपुर पनकी मंदिर चौकी इंचार्ज अनुराग सिंह को बुधवार रात काे गोली मारकर बदमाश इसलिए भाग निकला क्योंकि चौकी इंचार्ज के साथ मौजूद सिपाही के पास रायफल नहीं थी। गश्त के समय आमतौर पर चौकी इंचार्ज के साथ चलने वाले हमराह सिपाही रायफल की जगह डंडा लेकर चलते हैं। पुलिस यही पर चूक गई।
छानबीन में पता चला कि दरोगा को गोली मारने के बाद आगे जाकर बदमाश ने एक घर का ताला तोड़ने की कोशिश भी की। सिपाही गिरजेश कुमार ने बताया कि जब चौकी इंचार्ज, बदमाश से भिड़े थे तो उसने पहले साबड़ से हमला किया। इस पर सिपाही ने बदमाश के सिर पर डंडे से दो वार किए। इससे उसका सिर फट गया और वह खून से लथपथ हो गया।
इसके बाद चौकी प्रभारी उसे दबोचने के लिए आगे बढ़े तो बदमाश ने उन्हें गोली मार दी। चौकी प्रभारी को लहूलुहान देख सिपाही भी सहम गया और रायफल न होने की वजह से हट गया। बदमाश के भागने के बाद उसने आला अफसरों को घटना की सूचना दी। एक पुलिस अफसर ने बताया सिपाही गिरजेश लंबा-चौड़ा और मजबूत कद-काठी का है। अ
गर वह चाहता तो बदमाश को पकड़ सकता था लेकिन चौकी इंचार्ज को गोली लगने और बदमाश के दोबारा तमंचा लोड करने से वह डर गया। सूत्रों की मानें तो मौकेपर पहुंचे एसएसपी अखिलेश कुमार, एसपी अनुराग आर्या, सीओ कल्याणपुर ने पांच थानों की फोर्स के साथ सड़क पर फैली बदमाशों की खून की छींटों से उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस अफसरों ने रतनपुर कालोनी, कांशी राम कालोनी से पनकी रेलवे स्टेशन से लगभग सात किलोमीटर दूर तक कांबिंग की। इस दौरान अफसरों को एक स्थान पर ज्यादा मात्रा में खून पड़ा नजर आया। पुलिस अफसर पास गए तो पाया कि बदमाश ने कालोनी के एक घर का ताला तोड़ने की कोशिश की।
जिस रास्ते से बदमाश भागा है वहां दो जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे मिले हैं। पुलिस ने इन कैमरों के फुटेज कब्जे में लिए हैं। फुटेज में बदमाश की धुंधली तस्वीर कैद हुई है। उसने काले रंग की जैकेट और सफेद शर्ट पहन रखी है। फुटेज के आधार पर बदमाश का स्केच तैयार कराने की तैयारी चल रही है।