माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। प्रगतिशील किसान स्वर्गीय रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री 2026 सम्मान मिला है। वह कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग एवं अनुसंधान संस्थान कानपुर से जुड़े थे। निदेशक राघवेंद्र सिंह के मुताबिक किसान रघुपत ने कृषि नवाचार, परंपरागत बीजों के संरक्षण, किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में आजीवन योगदान दिया।
स्वर्गीय रघुपत सिंह मुरादाबाद जनपद के ग्राम समथल के निवासी थे और लगभग ३८ वर्षों तक कृषि नवाचार एवं विस्तार कार्यों से जुड़े रहे। उन्होंने सब्जियों की स्थानीय किस्मों और अरबी के जर्मप्लाज्म का संरक्षण किया तथा जैव-कीटनाशक, हींग द्वारा दीमक नियंत्रण और कम लागत वाली तकनीकों को किसानों तक पहुँचाया।
उन्होंने उन्नत धान किस्मों, रेज़्ड बेड पद्धति, मल्चिंग, कम पानी में खेती, लाइन बोआई द्वारा प्याज-लहसुन उत्पादन तथा एकीकृत खेती प्रणाली को बढ़ावा दिया। उन्होंने राजमा की २८ नई किस्में विकसित कीं और गमलों में सब्जी उत्पादन जैसी तकनीकों से शहरी व भूमिहीन लोगों को भी खेती से जोड़ा। उनके नवाचार देश के कई राज्यों तक पहुँचे, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिला।