नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की हाई पावर कमेटी के अधिकारी सीसामऊ नाले से सीधे गंगा में गिर रहे कचरे को देखकर दंग रह गए। अधिकारियों ने इस बात पर अफसोस जताया कि इतनी ज्यादा मात्रा में काले रंग का पानी गंगा में जा रहा है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
अधिकारियों ने सवाल उठाया कि स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जल निगम आखिर करता क्या है। सब लोग आंखें बंद किए बैठे हैं। टीम ने इस काले पानी का नमूना भी भरा। साथ ही यह भी नापा कि आखिर कितना पानी रोजाना गंगा में इस तरह से गिर रहा है।
आज दिन भर फिर होगी जांच
हाईपावर कमेटी शनिवार को फिर पूरे दिन गंगा में गिरने वाले नालों की जांच करेगी। जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण इकाई और टेनरी संचालकों के साथ बैठक भी करेगी।
कमेटी यह जानने का प्रयास करेगी कि पिछली बार एनजीटी ने जो आदेश दिए थे, उन पर अमल क्यों नहीं हुआ। शुक्रवार की देर शाम भी अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई जिसमें रिपोर्ट तैयार करने पर विचार विमर्श किया गया।
ग्लू भट्ठी का काला धुआं देख भड़के अधिकारी
कानपुर। निरीक्षण के दौरान हाई पावर कमेटी ने आस-पास चल रही ग्लू भट्ठियों को तत्काल हटाने को कहा। जिस समय अधिकारी निरीक्षण पर थे, तभी कुछ दूर पर काला धुआं उठते देखने पर कमेटी ने प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों से पूछा कि यह धुआं कैसे निकल रहा है।
इस पर इकाई के मुख्य अभियंता टीयू खान ने बताया कि यह ग्लू भट्ठी का धुआं है। इस पर कमेटी के विशेषज्ञ प्रो एए काजमी ने कहा कि इसे तत्काल बंद कराया जाना चाहिए। आखिर ये सब कैसे चल रहा है।