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48 दिनों बाद कानपुर सेंट्रल आई नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस

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लॉकडाउन में 48 दिनों के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को रात साढ़े नौ बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहली यात्री ट्रेन आई। इसके पहले आने वालीं ट्रेनें श्रमिक स्पेशल थीं। सोमवार को रेलवे ने 15 जोड़ी स्पेशल यात्री ट्रेनें चलाने के लिए बुकिंग शुरू की जो मिनटों में फुल हो गई।
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पहले दिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में नई दिल्ली से 36 यात्री आए। जबकि कानपुर से 22 यात्री असम जाने के लिए सवार हुए। ट्रेन नंबर (02424) से कानपुर आने वालों यात्रियों में थर्ड एसी कोच के 30, सेकेंड एसी कोच के चार और फर्स्ट एसी कोच के दो यात्री थे। जबकि कानपुर से असम जाने के लिए थर्ड एसी कोच में 18 और सेकेंड एसी कोच में चार यात्री चढ़े।
कैंट साइड से इंट्री, सभी मेन गेट बंद
यात्री ट्रेन चलने से सेंट्रल स्टेशन पर सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर विशेष सतर्कता रही। कैंट साइड से ही यात्रियों को इंट्री मिली। यहां चारों मेन गेट बंद कर दिए गए थे। दो नंबर गेट का कुछ हिस्सा खोलकर यात्रियों को प्रवेश दिया गया। इससे पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुुई। जिनको यात्रा नहीं करनी थी, उनको स्टेशन परिसर में नहीं आने दिया गया। बुजुर्ग और विकलांग यात्रियों के लिए रेलवे ने प्रतिनिधियों की तैनाती की थी। जीआरपी ने स्टेशन के बाहर और आरपीएफ ने प्लेटफार्म की व्यवस्थाएं संभालीं।
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आरोग्य सेतु एप की भी जांच
स्टेशन परिसर में यात्रियों के दाखिल होने से पहले मास्क व मोबाइल में आरोग्य सेतु एप की भी जांच हुई। बिना इनके इंट्री पर रोक के आदेश थे। जिनके पास मास्क नहीं थे, उनके लिए रेलवे ने 25 रुपये में थ्री लेयर मास्क की व्यवस्था की थी। जबकि सैनिटाइजर की छोटी शीशी मुफ्त दी गई। ई-टिकट की प्रतिलिपि व मोबाइल पर आए मैसेज को चेक करने के लिए मेन गेट पर ही टिकट चेकिंग स्टाफ लगाया गया था।
खाना-पीना, बिस्तर घर से ही लाए
जिन यात्रियों को कानपुर से असम जाना था, वह घर से ही खाना और पीने का पानी लेकर पहुंचे। रेलवे ने स्पेशल ट्रेन में पैंट्रीकार की व्यवस्था बंद कर रखी है। साथ ही कानुपर सेंट्रल समेत अन्य सभी स्टेशनों पर जहां ट्रेनें रुकेंगी, वहां खाने-पीने के स्टॉल भी नहीं लगेंगे। यात्री अपने साथ कंबल, चादर और तौलिया लेकर आए थे।
समय से आई ट्रेेन,
ट्रेन आने से डेढ़ घंटे पहले स्टेशन पर प्रवेश की अनिवार्यता के चलते यात्री रात 8 बजे से ही आने लगे। जिला प्रशासन को ट्रेन के साढ़े 10 बजे तक आने की उम्मीद थी। इसीलिए एसीएम हिमांशु साढ़े 9 बजे पहुंचे। तब तक यात्री ट्रेन से उतर रहे थे। जिला प्रशासन और मेडिकल टीम के आने पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। और उनके हाथों पर होम क्वॉरंटीन की मुहर लगाई गई।
साधन के लिए भटके दूसरे जिलों के यात्री
कानपुर सेंट्रल पहुंचे यात्री घर जाने के लिए स्टेशन के बाहर भटकते रहे। उन्हें कोई साधन नहीं मिला। दिल्ली से आने वाले तमाम यात्री रायबरेली, सुल्तानपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के थे। ये दिल्ली से ट्रेन चलने की जानकारी होने पर महंगा ऑनलाइन टिकट बुक कराकर यहां पहुंचे थे। इनका कहना था यूपी आ गए हैं, घर भी पहुंच ही जाएंगे।
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