कन्नौज जिले के छिबरामऊ में दरवाजा बंद नलकूप के सबमर्सिबल के कुएं से अमन का शव सोमवार सुबह निकाला जा सका। रविवार को अंधेरा हो जाने से शव निकालने का काम रोक दिया गया था। सुबह पहुंची राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को इस कार्य में दो घंटे लगे। कुएं में जहरीली गैस भरी थी।
सोमवार सुबह एसडीआरएफ के प्लाटून कमांडर देवानंद बरनवाल के नेतृत्व में एक दर्जन कर्मचारियों की टीम घटनास्थल पहुंची। सीओ शिव कुमार थापा, निरीक्षक हरीशंकर व सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज अजब सिंह भी पहुंच गए।
कुएं में जहरीली गैस से बचाव के लिए पहले पानी डाला गया, फिर अंदर उतरने के लिए तैयारी की गई। डेढ़ घंटे तक एसडीआरएफ के कर्मचारियों ने तैयारी की और फिर प्लाटून कमांडर देवानंद बरनवाल आक्सीजन मास्क लगाकर व सिलेंडर बांधकर कुएं में उतरे।
कुछ ही देर में उन्होंने शव बाहर निकाल दिया। जैसे ही अमन का शव बाहर आया बेटे को देखकर मां बेसुध हो गई। मौके पर मौजूद भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस घटनास्थल से शव को चौकी पर ले आई, जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के परिजन हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद अमन की मौत के कारण का पता लग पाएगा। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
सिर गोद में रख फफक-फफक रोईं बहनें
इकलौते भाई अमन चतुर्वेदी की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनें एक सप्ताह से तैयारी कर रही थीं। रक्षाबंधन पर जैसे ही अमन का शव कुएं से बाहर निकाला गया। तीनों बहनों का सब्र जवाब दे गया। बहन रौनक, खुशी व पलक भाई के शव को गोद में रखकर फफक-फफक कर रो रही थीं। तीनों बहनें सिर्फ यही कहती सुनाई दे रही थीं कि अब आखिर वे किसकी कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाएंगी।
आधी रात को ही पहुंच गई थी एसडीआरएफ
रविवार दोपहर जब अमन का शव कुएं में मिला तो उसे निकालने के लिए पुलिस ने कई घंटों तक मशक्कत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद लखनऊ में एसडीआरएफ को सूचना दी गई। देर रात एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन रात का अंधेरा और कुएं में गैस की अधिकता के कारण प्लाटून कमांडर ने सुबह शव निकालने का भरोसा दिया। सोमवार सुबह दो घंटे के अंदर ही टीम ने शव बाहर निकाल दिया।