कानपुर। बार एसोसिएशन व लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में चौथे बुधवार को अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश रखा। 10 व 11 सितंबर को कानपुर में दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन में अधिवक्ताओं की मांगे न माने जाने तक सप्ताह में हर बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की गई थी। इसी घोषणा के तहत इस बुधवार को भी कानपुर समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य बहिष्कार किया।
बार एसोसिएशन कार्यालय के बाहर सुबह से ही अधिवक्ता इकट्ठा होने लगे और अधिवक्ता एकता जिंदाबाद, हमारी मांगें पूरी करो के नारे लगाते हुए अपनी एकजुटता दिखाई। आंदोलन के चलते अधिवक्ताओं ने न्यायालय भवन के मुख्य द्वार को बंद कर धरना दिया। कामकाज ठप कर दिया। अदालतों में सन्नाटा छाया रहा। वादकारियों को मुकदमों में तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा।
लायर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा की अध्यक्षता में शुरू हुए धरने का संचालन बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मो. तौहीद व लॉयर्स के उपाध्यक्ष पुष्करधर द्विवेदी ने किया। कहा गया कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू न किए जाने पर प्रदेश भर के अधिवक्ता जल्द ही विधानसभा का घेराव करेंगे। धरने में नरेश चंद्र त्रिपाठी, शरद शुक्ला, मनोज द्विवेदी, पवन तिवारी, विवेक सिंह, भगवत दास, अभय त्रिपाठी आदि रहे। बता दें कि बार व लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री सहारनपुर में चल रहे प्रदेश सम्मेलन में शामिल होने के लिए गए हैं।