अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की आत्महत्या का मामला
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महोबा जिले में अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक आत्महत्या मामले के मुख्य आरोपी ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव व उनके परिजनों की संपत्तियों को कुर्क करने का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने छिकहरा व बरी गांव पहुंचकर ब्लॉक प्रमुख की सास व पत्नी के नाम जमीनों को कुर्क करते हुए सीज कर दिया और नोटिस चस्पा किया गया।
अचानक पुलिस फोर्स के गांव में पहुंचने से लोग सहमे रहे। समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश पाठक ने 13 फरवरी को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव हमीरपुर जेल, भतीजा विक्रम यादव झांसी जेल और पांच आरोपी महोबा जेल में निरुद्घ है।
चार दिन पहले डीएम सत्येंद्र कुमार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत छत्रपाल यादव की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद प्रशासन ने होटल, मकान, क्रशर व शहर की जमीनों को कुर्क कर नोटिस चस्पा किया था। अब अन्य संपत्तियों का मिलान कराकर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
शुक्रवार को सीओ सदर रामप्रवेश राय, तहसीलदार बालकृष्ण सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मुख्य आरोपी के गांव छिकहरा पहुंचकर सास ज्ञान देवी के नाम गाटा संख्या 688 व 2705 को सीज करते हुए नोटिस चस्पा किया।
इसी तरह आरोपी की पत्नी नीरज यादव के नाम बरी गांव में गाटा संख्या 177 को सीज कर नोटिस चिपकाया गया। एसडीएम राजेश कुमार यादव ने बताया कि बरी गांव की भूमि का तीन बार अलग-अलग टुकड़ों में बैनामा कराया गया था। जिसे सीज किया गया है। शेष संपत्तियों को जल्द ही कुर्क किया जाएगा।