कानपुर। सोनभद्र जेल में बंद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय का साथी और नवाबगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर रामखिलावन रविवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उस पर विभिन्न थानों में जमीन कब्जाने, बलवा, हत्या के प्रयास समेत धाराओं में 13 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। उसे चकेरी के त्रिमूर्ति मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया है।
केशवनगर डब्ल्यू ब्लॉक निवासी राकेश अरोड़ा उर्फ लोरी ने 15 जून को कोतवाली थाने में दीनू उपाध्याय, धीरज दुबे उर्फ ट्विंकल दुबे, नीरज दुबे उर्फ सोनू पंडित और 12 अज्ञात आरोपियों पर बलवा, मारपीट, अपहरण, रंगदारी, डकैती, धमकी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान नवाबगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर परमियापुरवा निवासी रामखिलावन का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से रामखिलावन सुभाष रोड स्थित त्रिमूर्ति मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 15,440 रुपये और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। रामखिलावन तीन साल पहले नवाबगंज में हुई अधिवक्ता राजाराम की हत्या के मामले का मास्टरमाइंड है।
......
दो दिन पहले गुजैनी थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
हिस्ट्रीशीटर रामखिलावन पर 18 जुलाई को गुजैनी थाने में एक और नया मामला दर्ज हुआ था। इसमें उसके साथ अरुणेश यादव, श्यामजी अवस्थी, संतोष यादव और छह अज्ञात पर बर्रा आठ निवासी मुन्नालाल गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि मुन्नालाल ने जिस प्लॉट को आठ लाख में खरीदा था आरोपी उसे उस पर निर्माण कराने से रोक रहे थे। 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और जान से मारने की धमकी दी थी। जबरन एक अधिवक्ता के चैंबर पर ले जाकर एक लाख रुपये वसूल लिए। बाकी पैसे भी जल्द देने का दबाव बनाया था।