आरोप लगाया कि महिला सीएमएस ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उसके पर्चे और जांच रिपोर्ट भी अपने पास रख ली। इसके बाद महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लिया तो महिला का उपचार शुरू कर दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि महिला के हार्ट में सिकुड़न है। इस वजह से प्रसव में दिक्कत है। सीजर से प्रसव कराया जाएगा।
महिला की देखभाल को सीएमओ ने फिजीशियन डॉ. आर एस प्रजापति, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित सचान, डॉ. अंशु मिश्रा को लगाया है। सीएमओ एके रावत के पहुंचने पर गर्भवती की आवभगत तेज हो गई। जिसके बाद गर्भवती से नर्सें भी पल-पल का हालचाल लेती नजर आईं।
मौदहा सीएचसी से बुलाए गए एनेस्थेटिक्स
स्वास्थ्य मंत्री के दफ्तर से सीएमओ को आने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। जो स्वास्थ्य कर्मी उसे कल तक भर्ती नहीं कर रहे थे, वहीं इलाज करते नजर आए। सीएमओ ने मौदहा से एनेस्थेटिक डॉ. संदीप पाल को बुलाया।
गर्भवती के अस्पताल में भर्ती न होने की जानकारी मिली थी। स्वास्थ्य मंत्री के पीआरओ का फोन आया था। उनको गर्भवती की समस्या की जानकारी दे गई है। गर्भवती को महिला अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। निगरानी के डॉक्टरों की टीम लगा दी गई है। - डॉ. एके रावत, सीएमओ
स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप से गूंजी किलकारी
तीन दिन से भटक रहे दंपती के लिए गुरुवार का दिन खुशियों से भर गया। स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप पर अस्पताल में भर्ती होने पर सपना ने बच्चे को जन्म दिया है। सपना के पति अखिलेश का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के शुक्रगुजार हैं कि उनके हस्तक्षेप से हमारी झोली खुशियों से भर गई है। सीएमओ डॉ. एके रावत का कहना है 2.5 किग्रा के बच्चे को जन्म दिया है जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।