संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही
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संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की सुरक्षा को लेकर शासन ने गंभीरता दिखाई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे गए उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए राज्यपाल सचिवालय ने पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रिंकू सिंह राही और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उरई कोतवाली के थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह द्वारा तहरीर नहीं लिए जाने के मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही डीजीपी से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यपाल सचिवालय के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने 24 सितंबर को डीजीपी को भेजे पत्र में रिंकू सिंह राही के 19 अगस्त के पत्र का हवाला दिया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अपने पत्र में स्वयं और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी जीवनशैली को अत्यधिक सीमित करना पड़ रहा है। उन्होंने वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में हुई घटना का उल्लेख करते हुए भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय घटना की आशंका से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की थी।
दरअसल, संयुक्त मजिस्ट्रेट ने उरई कोतवाली के थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह द्वारा उनकी तहरीर प्राप्त नहीं किए जाने का मामला भी राज्यपाल सचिवालय के समक्ष उठाया था। उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही के पास पहले से ही मानक के अनुरूप सुरक्षा के लिए गार्ड उपलब्ध हैं। शासन की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश मिलते हैं तो उसके अनुसार और गार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
सुरक्षा के साथ कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी
राज्यपाल सचिवालय ने संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को किसी भी अप्रिय घटना से बचाने के लिए पर्याप्त और समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले में की गई कार्रवाई और उपलब्ध कराई गई सुरक्षा की रिपोर्ट सचिवालय को भेजने को कहा गया है। पत्र की प्रतिलिपि संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को भी भेजी गई है।