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कूड़े के निस्तारण में लापरवाही पर निजी अस्पतालों पर शिकंजा, रोज लगेगा 50 हजार जुर्माना

Sat, 13 Jul 2019 12:25 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कानपुर में स्थापित प्राइवेट अस्पतालों से निकलने वाले कूड़े का सही तरीके से निस्तारण नहीं होने की सूचना पर जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने जांच के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जैव चिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) के निस्तारण के संबंध में हुई बैठक में तीन सदस्यीय टीम भी गठित कर दी है।
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टीम को निर्देश हैं कि यदि एनजीटी के नियमों के अनुसार अपशिष्ट का निस्तारण नहीं हो पा रहा है तो शहर के दोनों सर्विस मेडिकल वेस्ट प्रोवाइडर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी तरह जो नर्सिंग होम अपने कूड़े का निस्तारण सही तरीके से नहीं कर रहे हैं, उनपर प्रतिदिन के हिसाब से 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
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बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए जिले में दो इकाइयां लगी हैं। एक बिठूर में, जिसमें 576 नर्सिंग होम पंजीकृत है और दूसरा भौंती में, जिससे 1406 नर्सिंग होम जुड़े हैं। निर्देश दिया गया कि सभी नर्सिंग होम से तीनों तरह के कूड़े अलग-अलग इकट्ठा किए जाएं और अलग-अलग इनका निस्तारण भी हो।

ऐसा नहीं होने पर वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व ,पाल्युशन कंट्रोल बोर्ड अधिकारी और सीएमओ इस टीम के सदस्य हैं। टीम अपने ज्वाइंट सर्वे निजी अस्पतालों से कूड़े निस्तारण की स्थिति देखने जल्द ही निकलेगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से डॉ. बबिता तिवारी, पर्यावरण सुरक्षा संस्थान से डॉ. कृष्ण दीक्षित, कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन से डॉ. एसके सरावगी मौजूद रहे।
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