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गबन करने वाले पांच ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों पर कसा शिकंजा, सोशल ऑडिट के जरिए पकड़ी गई अनियमितता

Wed, 21 Aug 2019 06:40 PM IST
शिखा पांडेय उन्नाव डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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उन्नाव जिले में मनरेगा के विभिन्न कार्यों में ढाई लाख का गबन करने वाले पांच पंचायत सचिवों पर शिकंजा कसने की तैयारी की गई है। यह सचिव अलग-अलग विकासखंडों में तैनात हैं। सोशल आडिट के जरिए पकड़ी गई अनियमितता पर खंड विकास अधिकारी ने गबन की गई धनराशि की रिकवरी कराने के लिए पांचों सचिवों को पत्र जारी किया है।
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सिकंदरपुर करन की ग्राम पंचायत शुक्लापुर में कार्यरत रहे ग्राम पंचायत अधिकारी सतीश कुमार (वर्तमान तैनाती बीघापुर) ने वर्ष 2011-12 में मनरेगा योजना से कराए गए कार्यों में 60:40 का अनुपात नहीं रखा। सतीश पर सामग्री पर 188600 रुपये का अनियमित भुगतान कराने का आरोप है। इसी प्रकार भदवही ग्राम पंचायत में तैनात रहे विनीत भारतीय (वर्तमान तैनाती सफीपुर) ने बाबूलाल के घर से श्रीकृष्ण के घर तक नाला निर्माण कार्य में की गई एमबी से आठ मीटर कार्य मौके पर कम पाया गया।
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इसमें 15172 रुपये का अनियमित भुगतान की जानकारी हुई। सिकंदरपुर करन पंचायत में जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण कार्य में 13884 रुपये और ग्राम पंचायत पोनी में वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण में 4000 रुपये का गलत भुगतान तत्कालीन सचिव कमलेश मिश्रा ने किया। सुमरहा में सचिव रहे संजीत कुमार कटियार (वर्तमान तैनाती सफीपुर) ने 15433 रुपये का गलत भुगतान किया। विभौरा चंदनपुर में तैनाती के दौरान सचिव धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव (वर्तमान तैनाती हिलौली) ने मनरेगा कार्य में 21042 रुपये का अनियमित भुगतान किया।

सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित सचिवों से रिकवरी कराने का आदेश दिया। इसी आदेश के क्रम में सिकंदरपुर करन के खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार झा ने संबंधित पंचायत सचिवों को (संबंधित बीडीओ के माध्यम से) पत्र भेजकर तत्काल अनियमित भुगतान की धनराशि को विभागीय खाते में जमा कराने की चेतावनी दी है।
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