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पराली जलाने में 63 किसानों पर कार्रवाई, 1.77 लाख जुर्माना

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कलक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता में जानकारी देते डीएम राकेश कुमार सिंह, एसपी अनुराग वत्स व बाए? - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए किसान खेतों में पराली न जलाएं। इसे दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। रोक के बावजूद जिले में पराली और कूड़ा जलाने में 63 किसानों पर कार्रवाई की गई। एक लाख 77 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया। लापरवाही में 56 लेखपाल, कानूनगो, कृषि कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
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कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पराली जलाने में अभी तक 25 किसानों के खिलाफ शांतिभंग और सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और लापरवाही बरतने पर 23 लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि, तीन लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई, दो लेखपालों पर कठोर चेतावनी और 14 कानूनगो को कठोर चेतावनी दी गई है। कृषि विभाग के चार प्राविधिक सहायकों को प्रतिकूल प्रविष्टि और दस कर्मचारियों को कठोर चेतावनी दी गई है। सेटेलाइट के जरिये पराली जलाने जाने की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। किसान खेतों में पराली कतई न जलाएं। एसपी अनुराग वत्स ने कहा कि पराली जलाने के मामलों में पुलिस कर्मी भी नजर रख रहे हैं।
उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने बताया कि फसल प्रबंधन के लिए किसानों को पैडी स्ट्राचापर, जीरो टिल, सीड ड्रिल, एमबी प्लाऊ अनुदान पर दिए जा रहे हैं। इस दौरान दौरान एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल, जिला सूचना अधिकारी बीएन पांडेय, अकबरपुर नगर पंचायत ईओ देवहूति पांडेय मौजूद रहे।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीएम आवास के सामने बंबी किनारे अकबरपुर नगर पंचायत की ओर से कूड़ा डंप कर जलाने का शिकायत आने पर डीएम ने तत्काल ईओ देवहूति पांडेय को तलब किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पराली व कूड़ा जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अधिकारी कूड़ा जलाते हैं तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने मौके पर कूड़ा डंप कर जलाने की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
औद्योगिक क्षेत्र रनियां व जैनपुर में छोटे-बड़े समेत करीब 450 से अधिक इकाईयां व दर्जनों ईंट भट्टे हैं। इनकी चिमनियों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण को बढ़ा रहा है। डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के जरिये जांच कराने की बात कही है। कहीं पर भी गड़बड़ी पायी जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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