कानपुर देहात। राशन वितरण में गड़बड़ी किए जाने के आरोप में सरवनखेड़ा के कौसम व अमरौधा के बढ़ौली गांव की दुकान निलंबित कर दी गई है। डीएसओ ने बताया कि दोनों गांव के कोटेदार घटतौली के साथ अवैध वसूली भी कर रहे थे। सामाजिक दूरी का अनुपालन भी नहीं करा रहे थे। जांच में खुलासा होने पर कार्रवाई की गई है।
लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण में कोटेदारों ने धांधली शुरू कर दी है। इसकी शिकायतें लगातार अफसरों के पास पहुंच रही हैं। सरवनखेड़ा के कौसम गांव में शनिवार को कोटेदार घटतौली करने के साथ अवैध वसूली की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम राकेश कुमार सिंह से की थी। जांच के लिए डीएसओ पहुंचे। डीसीएसओ राजेश सोनी ने बताया कि कौसम गांव में ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए थे। कोटेदार ग्राहकों को कम राशन देने के साथ अभद्रता कर रहा था। इसी प्रकार बड़ौली गांव के कोटेदार प्रभू दयाल की दुकान पर निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। डीएसओ ने बताया कि दोनों दुकानों को निलंबित कर कार्डधारकों को पास की दुकान से संबद्ध कर दिया गया है। जिले में अभी तक 77 प्रतिशत से अधिक राशन वितरण हो चुका है। जल्द ही शत प्रतिशत राशन वितरण करा दिया जाएगा।
रूरा के अकबरपुर ब्लॉक के गैजुमऊ गांव के लोगों ने रविवार को कोटेदार सतेंद्र पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। ग्रामीणों की शिकायत पर गांव पहुंचे डीएसओ राजेश सोनी ने जांच की थी। ग्रामीणों ने कोटेदार पर कम राशन देने व मजदूर परिवार के सदस्यों का राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए रुपये मांगने का आरोप लगाया। गांव के लोगों ने कोटेदार पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है। डीएसओ राजेश सोनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।