जीवन में विचार उच्च रखें, बड़प्पन लाएं। इससे ही मनुष्य को तरक्की मिलती है। मनुष्य को समयबद्धता के साथ प्रत्येक कार्य को करना चाहिए, यह विशेषता सदैव तरक्की का मार्ग प्रशस्त करती है।
यह बात सोमवार को मर्यादा महोत्सव में आचार्यश्री महाश्रमण ने कही। महोत्सव के दूसरे दिन प्रवचन एवं अणुव्रत शिक्षक संसद सम्मेलन आयोजित हुआ।
सुबह प्रवचन के बाद महाराज श्री महाश्रमण नगर भ्रमण पर गए। शाम को आनंदपुरी स्थित जैन मंदिर में मुनि श्री कमल कुमार ने अपने संदेशों से भक्तों को उच्च जीवन जीने का संदेश दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन भी संदेश सुनने के लिए मंदिर पहुंचे। महिला मंडल की महिलाओं ने सामूहिक गुरु के स्वागत में सामूहिक गान प्रस्तुत किया। वहां मौजूद अन्य मुनियों और साध्वी ने विचार व्यक्त किए।
तेरापंथ भवन और पुस्तकालय की व्यवस्था देख हुए प्रफुल्लित
प्रात: कालीन संदेश देने के बाद आचार्य श्री महाश्रमण जी महराज तेरापंथ भवन बिराहना रोड का अवलोकन करने पहुंचे।
इसके बाद कमलापत मेमोरियल हॉस्पिटल, तुलसी के चातुर्मांसिक प्रवास स्थल, लाइब्रेरी की गतिविधियां देखीं।
आचार्य जी तेरापंथ भवन का अध्यात्मिक कार्य, उपासना कर्म, सुव्यवस्थित अस्पताल और सुसज्जित लाइब्रेरी देखकर अति प्रफुल्लित हुए। कार्य की सराहना करते हुए सभी को आशीर्वाद दिया।