इटावा में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने गुरुवार को दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। उसे एससी/एसटी व पॉक्सो एक्ट में भी दोषी पाया गया। उस पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा गया। किशोरी से दुष्कर्म का यह मामला 20 जून 2013 का है।
जसवंतनगर थाने में एक जुलाई 2013 को किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बहनोई पुत्री को टेंपो में बैठाने गए थे। पुत्री को जसवंतनगर से इटावा जाना था। इसी दौरान वहां इकदिल क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर पूर्वी अड्डा गूलर निवासी अभिषेक पुत्र वीरपाल मिल गया।
उसने बहनोई से कहा कि वे घर जाएं। वह खुद उसे (किशोरी) इटावा ले जाएगा। इसके बाद अभिषेक पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद अभिषेक ने फोन करके किशोरी की मां व पिता को गालियां दीं और कहा कि किशोरी उसके साथ है।
पुलिस ने धारा 376(2) (झ) समेत 363, 366, एससी/एसटी (पीए) एक्ट व 4 पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और जांच के बाद आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) दशरथ सिंह चौहान ने शासन की ओर से मामले में पैरवी की। उन्होंने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया ने मामले में गुरुवार को अभिषेक को दोषी करार दिया। उसे उम्रकैद और 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।