पुलिस ने किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर आरोपी को लॉकअप में बंद कर दिया। सुबह मां सरोज वीरेश के लिए खाना लेकर आई थी। खाना खाने के कुछ देर बाद वीरेश ने गले में ब्लेड मार ली, जिससे थाने में हड़कंप मच गया।एएसपी ने बताया कि शनिवार को किशोरी को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए पेश करना था।
अस्पताल में युवक की मां सरोज ने बताया कि पुलिस ने वीरेश को 24 जून को पकड़ लिया था। पांच दिन से पुलिस उसे थाने पर बैठाए थी। इसी से परेशान होकर उसने खुद को ब्लेड मार ली। डाक्टर के मुताबिक आरोपी की हालत में सुधार है। सरोज के अनुसार, किशोरी वीरेश के साथ अपनी मर्जी से गई थी। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जिस वक्त आरोपी ने खुद को ब्लेड मारी, उस समय उसकी मां थाना परिसर में मौजूद थी।
लॉकअप में ब्लेड कहां से आया
आरोपी को थाने में ब्लेड मिलने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसी भी मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी की जामा तलाशी में आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर पुलिस अपने पास रख लेती है। सूत्रों का कहना है कि केस को प्रभावित करने की मंशा से आरोपी के नजदीकियों ने ही साजिश के तहत ब्लेड मुहैया कराई होगी। मामले की छानबीन में जल्द इसका पता चल जाएगा।