कानपुर। हनुमंत विहार में बीरू भदौरिया को कार की छत पर लिटाकर डेढ़ किलोमीटर तक सड़क पर कार दौड़ाते हुए आरोपी अपने दुस्साहस का डंका बजाते रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गलियों में तेज रफ्तार कार हॉर्न बजाते हुए भागती नजर आ रही है। ऊपर युवक लेटा दिख रहा है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस अपनी प्रथमदृष्टया जांच में इसे हादसा मानती रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से चपेट में आए युवक की मौत की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। दरअसल, सुबह पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और पोस्टमार्टम के लिए परिजन से एक प्रार्थनापत्र लिखवाया। इसमें किसी का नाम नहीं था। परिजन के अनुसार बीरू के शरीर पर चोटें और घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही थी इसलिए उन्होंने खुद ही इलाके में लगे सीसी कैमरे की फुटेज तलाशने शुरू किए।
इसी दौरान एक के बाद एक कई कैमरों में एक कार सड़क पर दौड़ती नजर आई। ऊपर बीरू लटका हुआ था। ये जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बावजूद पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। तीन नामजद व अन्य के खिलाफ तहरीर दी। इसके बावजूद पुलिस ने उस तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज न कर पूर्व में लिखवाई गई तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
थाना प्रभारी बोले, हो सकता है चालक को पता ही न हो
करीब दो दर्जन सीसी कैमरों में कार सवारों का दुस्साहस कैद होने के बाद हनुमंत विहार थाने के प्रभारी यही मानते रहे कि हो सकता है कार चालक को पता ही न हो कि जिससे टक्कर हुई है वह कार की छत पर मौजूद है।
जिससे हुआ था विवाद उसी की कार से हादसा
पिता रामशंकर ने बताया कि जिन आरोपियों ने बेटे को कार से टक्कर मारने के बाद रौंदा उन्हीं आरोपियों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। मामला पुलिस के पास भी गया था जिसमें दोनों पक्षों का समझौता हुआ था। हालांकि, आरोपी खुन्नस पाले थे। मंगलवार को बेटे को अकेला पाकर घटना को अंजाम दे दिया। जिस हॉन्डा अमेज कार से हादसा हुआ वह कार उसकी के नाम पंजीकृत है।
परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर प्राथमिकी हुई है। पुलिस को बाद में दूसरी तहरीर मिली है। उसे भी विवेचना में जोड़ा जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।
- दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ