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UP: 150 रुपये में बच्चों के अश्लील वीडियो, टेलीग्राम और एक्स को बेचे; दो मोबाइल फोन में मिली ये गंदी चीजें

Mon, 20 Jul 2026 03:30 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर पुलिस ने 150 रुपये में बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेजा गया है। टेलीग्राम और एक्स के विभिन्न चैनलों और समूहों के जरिये बच्चों के अश्लील वीडियो और लिंक बेचने का आरोप है।
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kanpur police - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कानपुर में क्राइम ब्रांच ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री का ऑनलाइन व्यापार करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी जाजमऊ निवासी मोहम्मद नोमान है। वह टेलीग्राम और टेलीग्राम एक्स के विभिन्न चैनलों व समूहों के जरिये बच्चों के अश्लील वीडियो और उनके लिंक बेचता था। 
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इसके लिए वह प्रति वीडियो 99 से 150 रुपये तक वसूलता था। उसे रविवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया। साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि भारत सरकार की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट से एक सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक इंस्टाग्राम खाते से बच्चों के गंदे वीडियो अपलोड की जा रही है। 

इसके आधार पर साइबर क्राइम टीम ने मोबाइल नंबर और आईएमईआई के जरिये जांच शुरू की। जांच में मोबाइल नंबर जाजमऊ निवासी मोहम्मद नोमान का निकला। इस पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
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आरोपी किसी तरह की कोई नौकरी नहीं करता था लेकिन उसके पास से कब्जे से दो मोबाइल बरामद हुए। दोनों मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में बड़ी मात्रा में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अश्लील वीडियो, फोटो, स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली। 

अश्लील वीडियो की छोटी-छोटी क्लिप
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से टेलीग्राम पर विभिन्न अकाउंट और समूह बनाकर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री बेचकर कमाई कर रहा था। वह टेलीग्राम के माध्यम से बच्चों के अश्लील वीडियो की छोटी-छोटी क्लिप डालकर अब तक सैकड़ों वीडियो अपलोड कर चुका है।

 
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इन वीडियो की क्लिप देखकर संपर्क करने वाले लोगों से पूरा वीडियो भेजने के नाम पर ऑनलाइन 150 रुपये तक वसूले जाते थे। आरोपी ने अश्लील वीडियो अपनी गूगल ड्राइव में छिपा कर रखे थे। हालांकि ट्रैकिंग सिस्टम ने इस आपत्तिजनक कंटेंट को ढूंढ कर उसकी पोलखोल दी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
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