कानपुर। केंद्रीय बजट में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लिए इस बार नौ फीसदी अधिक, यानी 3,413 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तनों का पूर्वानुमान आकलन करने के इंतजाम किए जाएंगे। पिछले कुछ समय से अचानक होने वाली बारिश, तूफान, लू और शून्य दृश्यता की अवधि में वृद्धि देखी जा रही है। इन परिवर्तनों के पूर्वानुमान के लिए कानपुर जनपद सहित प्रदेश के सभी ब्लॉकों में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन तेजी से बढ़ा है, जिससे बारिश, गर्मी और सर्दी के स्वरूप और अवधि में बदलाव आया है। कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बढ़ा है। इसी तरह हीट लैंड एरिया में भी विस्तार हुआ है। ऐसे में, स्थानीय स्तर पर मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए आवश्यक डेटा जुटाना महत्वपूर्ण है, जो वेदर स्टेशनों के बिना संभव नहीं है।
- किसानों को सटीक और हाइपर-लोकल मौसम का पूर्वानुमान हो सकेगा। इससे बोआई, सिंचाई और कटाई का निर्णय सही समय पर ले सकेंगे।
- आंधी, तूफान, तेज बारिश या ओलावृष्टि की पूर्व चेतावनी से किसान अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकेंगे।
- मौसम के आधार पर फसलों में लगने वाले कीटों और बीमारियों की पूर्व चेतावनी भी मिल सकेगी।
- हीटवेव (लू) और शीत लहर के साथ गरज-चमक की त्वरित जानकारी मिल सकेगी।
केंद्रीय बजट 2025-26 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लिए लगभग 3,413 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के 3,330.37 करोड़ की तुलना में 9 फीसदी ज्यादा है। इस बजट में मुख्य रूप से सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही टिकाऊ कृषि पर ध्यान केंद्रित किया गया है
....डॉ एसएन सुनील पांडेय मौसम विशेषज्ञ