हस्तशिल्पी खुद को बाजार की जरूरत के मुताबिक तैयार करें। जितने अधिक कौशल से काम करेंगे, इस क्षेत्र में तरक्की के उतने ही बेहतर मौके हैं।
ये बातें जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) नई दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक केके दुग्गल ने कही। वह फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फीओ) की ओर से मंगलवार को मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के सिविल लाइंस स्थित सभागार में तीन दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
हस्तशिल्पियों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में हस्त शिल्पी, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, डिजायनर और उत्पादकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आयुक्त एवं उद्योग निदेशक नीना शर्मा ने किया।
पैकेजिंग पर जोर
फीओ के सीईओ वाईएस गर्ग ने आकर्षक पैकेजिंग पर जोर दिया। कहा कि अच्छी पैकिंग और पैकेेजिंग लोगों को आकर्षित करती है। उन्होंने घरेलू बाजार में उत्पादों की आवश्यकता और देश व प्रदेश के 400 से अधिक सरकारी बिक्री केंद्रों के बारे में भी जानकारी दी।
मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. इंद्र मोहन रोहतगी ने भी उच्च कोटि की पैकिंग पर जोर दिया। फीओ के आलोक श्रीवास्तव ने इंडियन ट्रेड पोर्टल, विपणन एवं निर्यात व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी और फीओ के रोल के बारे में बताया।
मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड के इरशाद मिर्जा ने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए बाजार पर निगाह रखना जरूरी है। उन्होंने कम पूंजी से बड़ा उद्यमी बनने का अपना तजुर्बा भी बताया।
ऋण की सुविधा
पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंध केके वाजपेयी ने बताया कि हैंडीक्राफ्ट के लिए बैंक लोन की सुविधा भी दे रहे हैं। उद्यमी अपना प्रस्ताव पेश करें और लोन लेकर व्यवसाय करें। मुद्रा बैंक योजना के तहत भी लोन लिया जा सकता है। इस दौरान इंडस एंड बैंक के अमित गुप्ता भी मौजूद रहे।
विदेश व्यापार विभाग से लेें सहायता
विदेश व्यापार विभाग के संयुक्त निदेशक मानवेंद्र सिंह ने कहा कि निर्यात के लिए कोई भी शिल्पी या निर्यातक उनके विभाग से संपर्क कर सकता है। विदेश व्यापार मंत्रालय एवं उनका विभाग हस्त शिल्पियों को प्रोत्साहित कर रहा है। एके श्रीवास्तव ने निर्यात में आवश्यक दस्तावेज व संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी
हस्तशिल्प का स्वरूप
हस्तशिल्प उत्पाद विदेशी मुद्रा को अर्जित करने का प्रमुख स्रोत है। वर्ष 2014-15 में देश का कुल हस्तशिल्प निर्यात 18640 करोड़ रुपये रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प की भागीदारी 45 फीसदी से अधिक रही है।