कानपुर देहात। कानपुर-इटावा हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। नवंबर 2025 में पुलिस प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए अभियान चलाकर करीब दो सौ होटल, ढाबों व प्रतिष्ठानों के सामने वाहन खड़ा कराने को लेकर नोटिस थमाए थे।
उस समय लगा था कि हाईवे पर सड़क किनारे खड़े वाहनों पर लगाम कसेगी, लेकिन जिम्मेदारों की सुस्ती के साथ ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में हाईवे किनारे जगह-जगह वाहनों की कतार नजर आई। सबसे खराब स्थिति रनियां से बाराजोड़ टोल प्लाजा तक मिली।
हाईवे व सड़कों के किनारे वाहन खड़ा करने पर रोक है। इसके बावजूद चालक बेखौफ होकर वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं। यही वाहन हादसों की बड़ी वजह बनते हैं। जनपद में हर महीने करीब 20 लोग सड़क हादसों के शिकार हो जाते हैं। इनमें कई की मौत भी हो जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नवंबर 2025 में तत्कालीन एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए सड़क किनारे वाहनों को खड़ा कराने वाले प्रतिष्ठानों को चिह्नित कराया था। साथ ही इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी सर्किल के सीओ के नेतृत्व में अभियान चलाने को टीम का गठन किया था। करीब एक साल बीतने को है, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो सका।
बुधवार को हाईवे किनारे वाहन खड़े नजर आए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति रनियां से लेकर बाराजोड़ टोल प्लाजा तक मिली। यहां होटल पर चाय की चुस्की लेने के लिए रुकने वाले लोग वाहनों को हाईवे पर खड़ा करते हैं। ये वाहन दुर्घटना का कारण तो बनते ही हैं, साथ ही यहां रुक-रुक कर जाम की समस्या भी होती है।
भारी वाहन चालक ले-बाई का नहीं कर रहे इस्तेमाल
विसायकपुर, समय - सुबह 11:30 बजे
कानपुर से अकबरपुर की तरफ आने वाले हाईवे पर रायपुर से आगे बढ़ने पर हाईवे व सर्विस रोड पर कई वाहन खड़े नजर आए। विसायकपुर के पास तो सर्विस रोड पर एक साथ कई भारी वाहन खड़े थे। पास से गुजरने वाले वाहन इनसे बचकर निकलते रहे। कई बार तो राहगीरों को मजबूरन हाईवे से होकर निकलना पड़ता है, जो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
रनियां, समय - सुबह 11:45
विसायकपुर से आगे बढ़ने पर रनियां के पास एक होटल के बाहर वाहनों की कतार लगी नजर आई। स्थिति यह थी कि बड़े व छोटे वाहनों के न निकल पाने के कारण जाम की समस्या हो गई। इससे पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यह वाहन आए दिन दुर्घटना का कारण भी बनते हैं। इसके अलावा यह स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में भी चिह्नित है।
बाराजोड़ टोल प्लाजा, समय - दोपहर 12:10 बजे
बाराजोड़ टोल प्लाजा पर सड़क के दोनों तरफ ट्रक और डंपर खड़े मिले। यहां एनएचएआई ने नो-पार्किंग जोन बना रखे हैं, इसके बावजूद वाहन इसकी अनदेखी कर वाहनों को खड़ा कर आराम फरमाते हैं। जबकि एनएचएआई की तरफ से यहां से थोड़ी ही दूरी पर ट्रक ले-बाई भी बना रखा है, लेकिन चालक वहां न रुककर रात यहीं बिताते हैं और सुबह होते ही निकल जाते हैं।
हाईवे पर सड़क किनारे खड़े होने वाले भारी व हल्के वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही चालकों को नियमों का पालन करने को प्रेरित किया जाता है। इसके बावजूद इनमें सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
- विनय कुमार सिंह, सीओ, यातायात।