केमिकल की गंध से हालत बिगड़ी
इसी दौरान अगरबत्ती में इस्तेमाल किए जाने वाले जहरीले केमिकल की गंध से चार महिला श्रमिकों प्रीती (21), दिव्या (35), गौरी (22) व प्रिया (23) की हालत बिगड़ने लगी। साथी श्रमिकों ने उनके घर पर फोन कर परिजनों को मामले की जानकारी दी।
दो का कानपुर में चल रहा है इलाज
परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। यहां से गौरी, प्रीती व दिव्या को परिजन कानपुर लेकर निकल गए। कानपुर ले जाते समय रात करीब 12 बजे कल्याणपुर के पास गौरी ने दम तोड़ दिया। वहीं, प्रीती व दिव्या को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रात में हालत बिगड़ी, सुबह हो गई मौत
उधर, दूसरी ओर प्रिया को निजी चिकित्सक के यहां से दवा दिलाकर परिजन घर लेकर चले गए। रात में उसे उल्टियां हुईं और सुबह तक उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन जब तक उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करते तब तक उसकी भी मौत हो गई। हादसे में दो की मौत होने से मोहल्ले में कोहराम मच गया।
फैक्टरी में लटकता मिला ताला
हादसे की सूचना पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद व सीओ सिटी कमलेश कुमार मृतकों के घर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, दूसरी ओर अधिकारी जांच पड़ताल करने फैक्टरी पहुंचे, तो वहां ताला लटकता मिला।
हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही, फैक्टरी में हादसे की वजह और अनियमित्ताओं की जांच करने के लिए फायर सेफ्टी की टीम को भेजा गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। -अमित कुमार आनंद एसपी