मृतक यादुवेंद्र सिंह परिहार का फाइल फोटो
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले स्कूल संचालक की कस्बे के छुइया नाला के पास वाहन की टक्कर से मौत हो गई। वह बुलेट से कानपुर की ओर जा रहे थे। युवक हेलमेट लगाए था।
सुभाष नगर, रसूलाबाद के रहने वाले सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक चंद्रभूषण सिंह राणा बुधवार को कार से बेटी दिव्या, नाती देवराज व नातिन राधिका को ग्वालियर से लेकर आए थे। साथ में दामाद ग्वालियर के हैदरगंज, लश्कर के रहने वाले यादुवेंद्र सिंह परिहार (42) अपनी बुलेट के साथ आए थे। वह भगत सिंह हायर सेकेंडरी स्कूल, हैदरगंज का संचालक था। गुरुवार को बेटी राधिका का नौवां जन्मदिन मनाया गया। शाम को यादुवेंद्र ने घूमने की बात कही। इसके बाद बुलेट लेकर निकल गए। पत्नी दिव्या ने पीछे से अपने भाई बलराम को स्कूटी से भेजा। यादुवेंद्र रात नौ बजे एक ढाबे पर पहुंचा। कानपुर की ओर निकल गया। बलराम छुइया नाले के पास पहुंचा तो देखा कि बुलेट समेत यादुवेंद्र सिंह परिहार खड्ड में गिरे थे। वाहन की टक्कर से बुलेट क्षतिग्रस्त हो गई थी। गंभीर रूप से घायल यादुवेंद्र को सीएचसी ले गया। वहां डॉ. अजीत वर्मा ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। बलराम ने पुलिस को बताया कि जीजा दो भाई थे। बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिस बात का था डर, वही हो गया
पति की मौत पर रुंधे गले से दिव्या ने बताया कि फाइनेंस के काम में कोरोना काल में बड़ा नुकसान हुआ। पति इस नुकसान से तनाव में रहते थे। पापा उसे व बच्चों को लेने गए थे। अकेला नहीं छोड़ने का सोच कर पति को भी साथ ही चलने के लिए कहा तो वह बुलट लेकर साथ-साथ आए थे। घर से घूमने की बात कह कर निकले तो भाई को पीछे से भेजा। उसे डर था कि तनाव को लेकर कोई अनहोनी न हो जाए। बेटी के जन्मदिन की खुशी के ठीक दूसरे दिन जीवन भर न भूलने वाला दर्द मिल गया।