असहिष्णुता संबंधी बयान देने वाले फिल्म अभिनेता आमिर खान के खिलाफ एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएस) की अदालत में देशद्रोह का मुकदमा दायर किया गया है।
अधिवक्ता मनोज दीक्षित की ओर से दायर मुकदमे पर 1 दिसंबर को सुनवाई होगी। अधिवक्ता ने इससे पहले फिल्म ‘पीके’ के विवादित पोस्टर पर भी मुकदमा दाखिल किया था, जो सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गया।
फिल्म अभिनेता आमिर खान ने कहा था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता पर उनकी पत्नी ने देश छोड़ने का सुझाव दिया था। इस बयान पर देश में बखेड़ा खड़ा हो गया।
इसी का संज्ञान लेकर अधिवक्ता ने एसीएमएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब विवेचना होगी, फिर अगली सुनवाई की जाएगी। अधिवक्ता का कहना है कि आमिर के बयान से देश की एकता, अखंडता को खतरा पैदा हुआ है।
इस गैर जिम्मेदाराना बयान से समाज का एक तबका भयभीत है। भारत विरोधी ताकतों को भी बोलने का मौका मिला है। इस दलील से संबंधित तमाम अखबारों की खबरों की कटिंग और वीडियो फुटेज भी अदालत को दी गई है।