इस पर विवाद के दौरान शेरू ने तमंचे से इखलाख के पेट में गोली मार दी। जमीन पर गिरते ही साथियों के साथ मिलकर चापड़ से हमला कर सभी भाग निकले। बड़े भाई मो. आफाक, बहन शमीन बानों व परिजनों ने आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया। मरहम पट्टी के दौरान ही इखलाक की मौत हो गई। बड़े भाई ने बताया कि सऊदी अरब में काम करने के दौरान इखलाक ने हत्यारोपी शेरू की मां को मकान बनवाने के लिए छह लाख रुपये उधार दिए थे। कई बार मांगने पर भी नहीं लौटाए।
इसी को लेकर शेरू का परिवार रजिश मानने लगा। पंद्रह दिन पहले ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने वाले कारखाने में बिजली विभाग की टीम ने छापा मारा था। लोड अधिक पाए जाने पर जुर्माना की कार्रवाई भी हुई थी। शक के आधार पर इखलाक ने झूठी शिकायत करने को लेकर उलाहना दिया था। इसके बाद से वह जान से मारने की धमकी दे रहा था। शनिवार रात साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी।
घटना की सूचना पर एसपी दिनेश त्रिपाठी, एएसपी शशि शेखर सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। घटना स्थल का निरीक्षण भी किया। इखलाक की मौत से पत्नी शबीना, दस साल के बेटे ओसामा व परिवार का बुराहाल है। एसपी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। शेरू से विवाद की बात बताई है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं।