रात में हरिनंदन वापस नहीं आया। परिजनों ने रविवार की सुबह खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। सोमवार सुबह परिजनों ने यूपी 112 पर पुत्र हरिनंदन के लापता होने की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और खेत के आसपास तलाश की। कुछ दूरी पर हरिनंदन की साइकिल झाड़ियों में पड़ी मिली।
गर्दन, गाल व कान पर धारदार हथियार के निशान
पुलिस ने नंदराम के खेत में ताजी मिट्टी खुदी देखकर वहां से मिट्टी हटवाई तो हरिनंदन को उसके नीचे दबा पाया। उसकी गर्दन, गाल व कान पर धारदार हथियार के चोटों के निशान थे। तलाशी में हरिनंदन की जेब से 10 रुपये, एक चार्जर, एक चूरन की पुड़िया, एक बीडी का बंडल मिला।
हत्या कर शव को मिट्टी के नीचे दबाने का आरोप
पिता धनपाल ने दोस्त नंदराम पर पुत्र हरिनंदन को घर से बुलाकर ले जाने व हत्या कर शव को मिट्टी के नीचे दबाने का आरोप लगाया। सूचना पर एएसपी डॉ. संजय कुमार, सीओ कायमगंज सोहराम आलम, एसओ दिलीप कुमार कंचन, फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच कर नमूने लिए।
पुलिस ने आरोपी नंदराम के घर दबिश दी
धनपाल ने पुलिस को बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं थी। पुलिस ने धनपाल की तहरीर पर नंदराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी नंदराम के घर दबिश दी। उसके यहां ताला लटका मिला। सूत्रों की माने तो वह 16 दिसंबर की रात को ही परिवार सहित कहीं भाग गया था।
दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू
एएसपी ने खुलासे के लिए एसओजी प्रभारी अमित गंगवार व सर्विलांस प्रभारी सहित एसओ को लगाया है। पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एएसपी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि हरिनंदन का शव खेत दबा मिला। उसकी हत्या में दोस्त नंदराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
छोटे भाई से था विवाद
हरिनंदन की मौत पर पिता धनपाल, भाई राजू, पिंटू का रो-रो कर हाल बेहाल था। भाई प्रवेश की हरिनंदन से नहीं बनती थी। उसका पहले भी कई बार हरिनंदन से विवाद हो चुका है। हरिनंदन के अलावा तीनों भाइयों की शादी हो चुकी है। ऐसे में पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
मांस के लोथड़े मिट्टी में सने मिले
फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान मांस के लोथड़े पड़े हुए मिले। ऐसा लग रहा था कि मौके पर हरिनंदन व हमलावर के बीच हाथापाई हुई। हमले के बाद उसकी हत्या कर शव को घसीट कर मिट्टी में दबाया गया। इसके चलते ही मांस के लोथड़े वहां गिर गए हो। मिट्टी पर हाथ के निशान भी मिले हैं।
कहीं अवैध संबंधों में तो नहीं हुई हत्या
हरिनंदन अविवाहित था और उसकी गांव में किसी से रंजिश नहीं थी। परिजन भी इसका दावा कर रहे हैं। ऐसे में उसके लापता होने की सूचना परिजनों ने 36 घंटे बाद क्यों दी। कहीं अवैध संबंधों में उसकी हत्या तो नहीं की गई। दोस्त खेत में पानी लगाने गया और वहीं हरिनंदन की हत्या कर शव अपने खेत में ही क्यों दफनाएगा। इसके बाद ताला बंद करके आखिर क्यों भाग गया। पुलिस इन सवालों का जवाब तलाशने में जुटी हुई है।