कानपुर। यशोदानगर चौराहे के पास बाइक टकराने के मामूली विवाद में पिता-पुत्र की हत्या के मुख्य आरोपी करन वर्मा, शिवा वर्मा और उनके मददगार समीर का आपराधिक इतिहास है। अक्तूबर 2023 में सिगरेट लेने को लेकर हुए विवाद में गांव के ही युवक के सिर पर तीनों ने लोहे की रॉड से हमला करके हत्या की थी। मृतक की बहन ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीसीपी योगेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ नौबस्ता थाने में पहले से हत्या की रिपोर्ट दर्ज है। सिमरा गांव की गायत्री गौतम ने करन वर्मा, समीर और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सिगरेट लेने के विवाद में उसके भाई विवेक गौतम के सिर पर रॉड मारकर हत्या कर दी थी। हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना में शिवा वर्मा का नाम भी सामने आया था। उस समय आरोपी समीर नाबालिग था इसलिए उसे बाल सुधार गृह, करन व शिवा को जेल भेजा गया था।
करन और शिवा करीब 16 माह जेल में रहने के बाद वर्ष 2025 में जमानत पर बाहर आए थे जबकि समीर कुछ माह बाद ही बाहर आ गया था। एडीसीपी के अनुसार आरोपी मनबढ़ हैं। पहले सिगरेट लेने और अब बाइक टकराने जैसी मामूली बात पर हत्या कर दी। इनके साथी उत्सव पर भी नौबस्ता थाने में ही छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करने के तीन मामले दर्ज हैं।