फरार शातिर अपराधी गजेन्द्र की पुलिस कर्मियों के साथ फाइल फोटो
‘गजेंद्र काछी’ जिसका नाम से बुंदलेखंड के नामी अपराधियों में शुमार है। इस बार फिर वो पुलिस की आंखों में धूल झोकने में कामयाब हो गया। चलती ट्रेन में ट्वालेट का बहाना बनाकर वो अंधेरे में ऐसा गायब हुआ कि कोई उसे ढूंढ ही नहीं पाया। मामला यूपी के इटावा जिले का है। पुलिस के हाथ केवल वो पुरानी फोटो है जिसमें गजेंद्र कुछ सिपाहियों के साथ खड़ा है। अब इसी तस्वीर की बदौलत उसे खोजने के प्रयास में कई जिलों की पुलिस लगी है।
इटावा अप साइड की ऊंचाहार एक्सप्रेस से चंडीगढ़ जा रहे हत्या, डकैती, गैंगस्टर के शातिर अपराधी बुधवार रात पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। हिमाचल प्रदेश के पांच पुलिसकर्मी उसे उरई कोर्ट से पेशी कराकर लौट रहे थे। वह हत्या के मामले मेें तीन साल से शिमला जेल में बंद था। वह यूपी के झांसी का रहने वाला है। उस पर झांसी में गैंगस्टर तथा उरई (जालौन) में लूट सहित कई मामले दर्ज हैं। वह हत्या के मामले में शिमला (हिमाचल प्रदेश) की कंडा जेल में बंद था।
जीआरपी थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि फरार शातिर अपराधी झांसी के थाना एरच के इस्किन गांव निवासी गजेन्द्र कुशवाहा उर्फ गजेन्द्र काछी पुत्र दुर्गा प्रसाद कुशवाहा पर झांसी में हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वह हत्या के मामले में शिमला की कंडा जेल में बंद था। गत 30 अक्तूबर को शिमला पुलिस लाइन से पांच पुलिस कर्मी हेड कांस्टेबल सुबोध, हेड कांस्टेबल जसवीर तथा तीन पुलिस कर्मियों अनिल कुमार, मनोज और विजय उसे लेकर आए थे।
गजेन्द्र की 31 अक्तूबर को झांसी में गैंगस्टर की तथा पहली नवंबर को उरई (जालौन) में लूट के मामले की पेशी थी। बुधवार को उरई में पेशी कराने के बाद हिमाचल प्रदेश सभी पुलिस कर्मी उसे कानपुर से ऊंचाहार एक्सप्रेस से चंडीगढ़ ले जा रहे थे और आरक्षित बोगी में सवार थे। रात करीब 12:29 बजे जसवंतनगर के पास गजेन्द्र ने शौच क्रिया की बात कही। उसे लेकर जाते समय वह हथकड़ी को झटका देकर फरार हो गया। पुलिस कर्मियों ने काफी देर तक उसकी तलाश की लेकिन वह अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। सभी सिपाही इटावा लौटे और जीआरपी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। जीआरपी प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पुलिस कर्मियों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार शातिर अपराधी की तलाश की जा रही है।