कानपुर। रावतपुर के उमा हत्याकांड की तरह ही भाजपा नेता के साथ बंधक बनाकर हुई लूट की गुत्थी भी उलझती जा रही है। पुलिस का कहना है कि एक संदिग्ध हाथ लगा है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य भी मिल रहे हैं, लेकिन वह खुद घटना स्वीकार नहीं रहा है। इस कारण न सिर्फ उसके दूसरे साथी का ही नाम सामने आ पा रहा है और न ही घटना का खुलासा हो पा रहा है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
बता दें कि करीब 10 दिन पूर्व सेन पश्चिम पारा के न्यूरी गांव में भाजपा नेता रमेश यादव को बंधक बनाकर 34 लाख की लूट की गई थी। थाना पुलिस के मुताबिक डॉग स्क्वाड की मदद से जिस संदिग्ध को पकड़ा गया था उसकी कद-काठी भाजपा नेता की ओर से बताए गए हुलिये से काफी मेल खा रहा है लेकिन वह वारदात नहीं स्वीकार रहा है। डीसीपी ने बताया कि संदिग्ध के वारदात न कबूल करने से खुलासे में पेच फंसा हुआ है।