टाॅकीज में लगी आग को बुझाते लोग।
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शुक्लागंज। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के राजधानी मार्ग पर 51 साल पुरानी सरस्वती टाॅकीज में मंगलवार सुबह आग लग गई। आग की लपटें फिल्मी पर्दा से लेकर पूरी टाकीज में फैल गईं। ऊंची-ऊंची लपटें टॉकीज के बाहरी हिस्सों से बाहर निकलने लगीं। धुआं डेढ़ किलोमीटर तक देखा गया। सूचना पर दमकल की कानपुर समेत पांच गाड़ियां माैके पर पहुंची और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं सीएफओ अनूप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग शाॅर्ट सर्किट से लगना प्रतीत हो रही है।
केयरटेकर राजन ने अनुसार दोपहर 12 बजे के शो की तैयारी चल रही थी। टॉकीज के सभी गेट खोल दिए गए थे। बताया कि सुबह 10.45 बजे टॉकीज की बालकनी और फैमली कंपाउंड में धुआं उठता दिखा। वहां देखा तो आग धधक रही थी। इसकी जानकारी टॉकीज मालिक कानपुर पीरोड निवासी गोपाल जायसवाल और उन्नाव आदर्शनगर निवासी मैनेजर ओम प्रकाश मिश्रा को दी। वह क्षेत्रीय लोगों की मदद से आग बुझाने की कोशिश करने लगा। हालांकि सूचना पर कोतवाली गंगाघाट प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह और दुर्गा मंदिर के पास खड़ी रहने वाली दमकल की छोटी गाड़ी तत्काल मौके पर पहुंच गई। आग बढ़ती देख सीएफओ के निर्देश पर कानपुर से एक और उन्नाव से तीन बड़ी दमकल गाड़ियां भेजी गईं। इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
हादसा दोपहर के शो से सवा घंटे पहले हुआ। यदि शो के दरमियान हादसा होता तो कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। टॉकीज में लगा फिल्मी पर्दा और अंदर की सभी सीटें जलकर राख हो गईं। टॉकीज मालिक ने बताया कि आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि टॉकीज का उन्होंने बीमा करा रखा है। बताया कि टॉकीज उनके बाबा जुगुल किशोर जायसवाल ने साल 1974 में बनवाई थी और 51 साल पुरानी है।
मैनेजर ने बताया कि शुक्रवार को ही मिराई नाम की फिल्म लगाई गई थी। सभी चार शो चलाए जा रहे थे। केयरटेकर राजन परिवार के साथ टॉकीज के बाहरी हिस्से में रहता है। टॉकीज में शो चलाने की जिम्मेदारी उसकी रहती है। सीओ सिटी दीपक सिंह ने बताया कि आग में कोई जनहानि नहीं हुई है। वहीं सीएफओ ने बताया कि शाॅर्ट सर्किट कैसे हुआ। इसकी जांच कराई जाएगी।