कानपुर के नौबस्ता में बुधवार को मरीज की मौत पर भड़के परिजनों ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो वे पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। उस्मानपुर चौकी इंचार्ज को बचाव में रिवाल्वर निकालनी पड़ी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि अजय की प्लेटलेट्स कम हैं
मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हनुमंत विहार निवासी अजय मिश्रा (35) प्राइवेट काम करते थे। परिवार में पत्नी प्रियंका, दो साल का बेटा बाबू और भाई कन्हैया है। मंगलवार को अजय को बुखार आने पर भाई कन्हैया ने उसे नौबस्ता गल्ला मंडी स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि अजय की प्लेटलेट्स कम हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर के कहने पर अजय को एक इंजेक्शन लगाया गया।
शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया
परिजनों से बात करते पुलिसकर्मी
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गलत इंजेक्शन लगने से उसकी तबियत बिगड़ने लगी और रात में करीब तीन बजे मौत हो गई, लेकिन जानकारी नहीं दी गई। कह दिया गया कि दूसरे अस्पताल ले जाओ। परिजन जब अजय को लेकर दूसरे नर्सिंग होम पहुंचे तो पता चला कि अजय की मौत तो पहले ही हो चुकी है। डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी मौत हुई है। बुधवार सुबह परिजनों ने शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। उस्मानपुर चौकी इंचार्ज ने परिजनों को समझाने की कोशिश की तो वे पुलिस कर्मियों से भिड़ गए।
बचाव में चौकी इंचार्ज को रिवाल्वर निकालनी पड़ी
परिजनों को समझाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
बचाव में चौकी इंचार्ज को रिवाल्वर निकालनी पड़ी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। एसओ ने चौकी इंचार्ज के रिवाल्वर निकालने की बात से इनकार किया है। एसओ ने कहा कि अभी तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।