कानपुर में कचहरी में बुधवार को पेशी पर आए बंदी ने सेशन हवालात में धारदार हथियार से अपनी गर्दन रेत ली। बंदी को खून से लथपथ देख हड़कंप मच गया। आनन फानन में उसे उर्सला और फिर रेफर करवाकर हैलट में भर्ती कराया गया। बंदी ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि गर्दन किस हथियार से रेती यह नहीं बता पाया। पुलिस का कहना है कि हालत ठीक होने के बाद पूछताछ की जाएगी। हथियार बरामद भी नहीं हुआ है।
बाबूपुरवा आजाद नगर निवासी मोहम्मद वसीम (26) को पांच महीने पहले जीआरपी ने सेंट्रल स्टेशन से चरस के साथ पकड़ा था। रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। बुधवार को एडीजे-16 कोर्ट में पेशी थी। पेशी के बाद उसे कचहरी में सेशन हवालात में बंद किया गया। दोपहर करीब एक बजे उसने अपनी गर्दन रेत ली। कोतवाली पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। हैलट में बाबूपुरवा सीओ मनोज कुमार गुप्ता व सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान भी पहुंचे।
उन्होंने वसीम से बातचीत भी की। वसीम ने बताया कि उसको जेल में प्रताड़ित किया जाता है। उसको मारापीटा जाता है और सजा के तौर पर परेशान किया जाता। इस कारण उसने जान देने की कोशिश की। सूचना पर वसीम की मां सादरा व अन्य परिजन हैलट पहुंच गए थे। वहीं पुलिस अधिकारियों की पूछताछ में उसने एक बंदी पर भी गर्दन रेतने का आरोप लगाया। हालांकि सीओ कोतवाली का कहना है, वसीम ने खुद ही गर्दन रेती है।