कानपुर। हैलट के मेडिसिन विभाग में रोगियों को इंटेंसिव केयर की उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। विभाग में ही 30 बेड का नया आईसीयू बन रहा है। दो महीने के बाद यूनिट में रोगियों की भर्ती शुरू हो जाएगी। वार्ड 13 को आईसीयू में तब्दील कर दिया गया है। इससे फायदा यह होगा कि वार्ड में रोगी के गंभीर होने पर उसे इमरजेंसी में शिफ्ट करने की जरूरत नहीं रहेगी। अतिगंभीर रोगी की इमरजेंसी तक लाने में हालत और नाजुक हो जाती है। साथ ही विभाग में जांचों के लिए डायग्नोस्टिक हब बनाया जा रहा है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि आईसीयू तैयार हो गया है। ऑक्सीजन पाइप लाइन के साथ ही अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। यह दो महीने में चालू हो जाएगा। आईसीयू के 10 बेड पर वेंंटिलेटर रहेंगे। अन्य बेड पर बाई पेप आदि की सुविधा रहेगी। मेडिसिन विभाग का 18 बेड का आईसीयू हैलट इमरजेंसी में भी है। नया आईसीयू बनने के बाद कुल 48 बेड हो जाएंगे।
इस तरह मेडिसिन में भर्ती होने वाले रोगियों के लिए इंटेंसिव केयरयुक्त 48 बेड हो जाएंगे। विभाग में 10 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) भी है। उन्होंने बताया कि विभाग की छत पर डायग्नोस्टिक हब बनेगा। इसे 8.4 करोड़ से बनाया जा रहा है। इसमें अल्ट्रासाउंड, फाइब्रोस्कैन, एक्सरे, डेक्सा फाइब्रोस्कैन, एआरसीपी तथा पैथोलोजिकल जांचों की सुविधा रहेगी। डायग्नोस्टिक हब पीजी सीट बढ़ने पर मिलने वाले फंड से तैयार किया जा रहा है। डायलिसिस यूनिट के लिए एक हजार लीटर वाला आरओ प्लांट भी लगाया जाएगा।