कानपुर। शहर से शुक्लागंज, उन्नाव को जोड़ने के लिए प्रस्तावित चार लेन के नए पुल के निर्माण के लिए प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। यह सेतु अंग्रेजों के जमाने के पुराने क्षतिग्रस्त गंगा पुल से 50 मीटर पहले बैराज की तरफ बनेगा।
सब कुछ सही रहा तो इसका निर्माण सेतु निगम जुलाई से शुरू कराएगा। शासनादेश जारी होने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया होगी। पुल का निर्माण राज्य योजना (शहरी) के अंतर्गत किया जाएगा। करीब 850 मीटर लंबे इस पुल की लागत 2.35 अरब रुपये आएगी।
इनमें से चालू वित्तीय वर्ष के लिए 1746.43 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इस पुल के निर्माण के लिए शासनादेश जारी होने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। नया पुल बनने से शहर से रोजाना शुक्लागंज, उन्नाव, लखनऊ आने-जाने वाले करीब एक लाख लोगों का आवागमन सुगम होगा।
लाइन शिफ्टिंग के लिए प्रस्ताव
इस योजना में विद्युत लाइन शिफ्टिंग के लिए आठ लाख, नगर निगम की लाइन शिफ्टिंग के लिए 22 लाख, सीयूजीएल गैस पाइप लाइन के लिए 35 लाख, वन विभाग के लिए 30 लाख, बीएसएनएल के लिए 32 लाख, जल निगम के लिए 35 लाख व जलकल की लाइन शिफ्टिंग के लिए 25 लाख रुपये की लागत आकी गई है।
उन्नाव, शुक्लागंज का यातायात होगा सुगम
अंग्रेजों के जमाने में बने गंगा घाट पुल टूटने से लोग दो लेन के नवीन गंगा पुल से आवागमन करते हैं। वाहनों का लोड अधिक होने के कारण पुल पर रोजाना सुबह व शाम यातायात प्रभावित होता है और जाम भी लगता है। इससे बचने के लिए हजारों लोग जाजमऊ पुल या बैराज मार्ग से उन्नाव, लखनऊ आते-जाते हैं।
तीन साल लगेंगे
नया पुल शहर की तरफ झाड़ी बाबा पड़ाव के आगे स्टेडियम के पास से शुरू होगा। खास बात यह है कि पुल के दो लेन शुक्लागंज की तरफ पुराने गंगा पुल के पास सड़क से जुड़ेंगी। अन्य दो लेन शुक्लागंज रेलवे स्टेशन के पास कानपुर-लखनऊ रेलवे लाइन पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाकर उसके आगे उतरेंगी। निर्माण में करीब तीन साल लगने की उम्मीद है।
वर्जन
शासनादेश जारी होने के बाद अब जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। जुलाई में पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
- विजय कुमार सेन, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम