कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने एमबीबीएस छात्रों की उपस्थित सुनियोजित करने के लिए क्लिप क्लासेस नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। छात्र ने अगर क्लास बंक की या छात्रावास में देर से आया तो तुरंत इसकी सूचना अभिभावक और वार्डन के मोबाइल पर मैसेज से पहुंच जाएगी।
इस साॅफ्टवेयर के प्रजेंटेशन के दौरान जून से एमबीबीएस छात्रों के लिए इसका उपयोग शुरू की योजना बनाई गई। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि इस तरह का सॉफ्टवेयर विकसित करने वाला यह प्रदेश का पहला राजकीय मेडिकल कॉलेज है। मेडिकल काॅलेज के एलटी-वन में दोपहर में प्राचार्य डॉ. संजय काला के सामने क्लिप क्लासेस सॉफ्टवेयर का प्रस्तुत किया गया। यह हाईटेक व्यवस्था फिलहाल एमबीबीएस पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए लागू की जाएगी जिससे पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
प्राचार्य डॉ. संजय काला और न्यूरो साइंसेस विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने इस सॉफ्टवेयर की विशेषताओं की जानकारी दी। बताया कि कक्षा में छात्रों को पढ़ाने से पहले टॉपिक और इससे संबंधित पठन सामग्री उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कक्षा में वे छोटी-छोटी चीजों को भी ठीक से समझ सकें। क्लास बंक करने पर तत्काल अलर्ट मिलेगा। यदि कोई छात्र कक्षा में अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके माता-पिता और संबंधित वार्डन के मोबाइल पर तुरंत सूचना पहुंचेगी।
छात्रावास में देर से लौटने वाले छात्रों की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों और अभिभावकों तक पहुंचेगी। बताया गया कि इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में अनुशासन लाना, उनकी शैक्षणिक उपस्थिति को सुनिश्चित करना और अकादमिक प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत निगरानी से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलेगा जो उनके समग्र विकास में सहायक होगा।
शिक्षक करेंगे पांच-पांच छात्रों की निगरानी
प्रत्येक चिकित्सा शिक्षक को पांच-पांच छात्रों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस निगरानी में छात्र की शैक्षणिक प्रगति, व्यक्तिगत परामर्श से लेकर बीमार होने पर उसके इलाज की व्यवस्था तक शामिल होगी। इसके अतिरिक्त छात्रों के स्वास्थ्य की जांच के लिए साल में दो बार हेल्थ चेकअप कराने की भी योजना है।