बांदा में भाजपाई शनिवार को एसडीएम के अर्दली पर कहर बनकर टूट पड़े। एसडीएम के अर्दली के सरकारी आवास पर धावा बोलकर पांच लोगों ने उसे बुरी तरह पीट दिया। यही नहीं जान बचाकर भाग रहे अर्दली को ममना बस स्टैंड से चार पहिया वाहन में पकड़कर ले जाने का प्रयास किया। अर्दली की तहरीर पर एक नामजद व चार अज्ञात के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
संतराम (40) एसडीएम रावेंद्र सिंह का अर्दली है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में एसडीएम गए थे। संतराम एक दिन की छुट्टी के बाद तहसील आया और परिसर में बने सरकारी आवास में दरवाजा बंदकर फोन पर बात करने लगा। संतराम ने बताया कि इसी बीच गुरुदेवपुर सरीला निवासी भाजपा नेता पवन अनुरागी अपने चार साथियों के साथ आकर गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे कमरे से घसीटकर बेरहमी से पीट दिया।
जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। अर्दली की चीख सुनकर तहसीलदार लक्ष्मणजीत भी मौके पर आ गए और आरोपियों को समझा बुझाकर जाने को कहा। संतराम ने बताया कि जब वह डर के मारे बस्ती की तरफ जाने लगा तो आरोपियों ने उसे ममना बस स्टैंड के पास पकड़कर चार पहिया वाहन में डालकर ले जाने का प्रयास भी किया। किसी तरह वह भागता हुआ फिर तहसील पहुंच गया। उसने बताया कि मारपीट का कारण कुछ पता नहीं है। इससे पहले इन लोगों से उसकी कोई बातचीत भी नहीं है।
मामले में एसडीएम रावेंद्र सिंह का कहना है कर्मचारी के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी थानाध्यक्ष जरिया वेदपाल ने बताया कि पीड़ित अर्दली की तहरीर पर पवन अनुरागी व चार अज्ञात के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। इससे पहले भी भाजपा के एक जन प्रतिनिधि ने मामूली सी बात पर निवर्तमान एसडीएम वीर बहादुर के आवास पर धावा बोलकर बदसलूकी की थी। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक चुप्पी की वजह से सत्ता पक्ष के लोगों के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं।