कानपुर। फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक और दिल्ली धमाके के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इन घटनाओं की जिम्मेदार डॉ. शाहीन और उसका भाई डॉ. परवेज जांच एजेंसियों के चंगुल में फंस चुके हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां जल्द ही इन दोनों को लखनऊ और कानपुर लाकर पूछताछ कर सकती हैं। ऐसे में पूछताछ के लिए सौ से ज्यादा सवालों का चिठ्ठा भी तैयार कर लिया गया है। इन सवालों से ही आतंकी नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
जाजमऊ में डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी की ससुराल है। ये दोनों लोग शहर में हुए कुछ आयोजनों में भी शामिल रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से नाता खत्म होने के बाद भी डॉ. शाहीन कई बार शहर आई थी। ऐसे में जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाना चाहती थी कि आखिर डॉ. शाहीन शहर में आने के दौरान किन-किन लोगों से मिलती रही है। साथ ही इस मुलाकात के पीछे उसकी मंशा क्या थी। जिन आयोजनों में वह शामिल हुई है। उनके दूसरे जिलों और राज्य के हैं। खुफिया एजेंसी अब पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए हर संभव कड़ियों को जोड़कर देख रहीं हैं। इसके अलावा पूछताछ के दौरान डॉ.शाहीन का डॉ. परवेज और अन्य लोगों से आमना-सामना भी कराया जाएगा। इनमें परिजन और अन्य पांच से सात लोग शामिल हैं।
आठ से दस साल पुराने निकले एनजीओ
मामले की जांच में जुड़ी एजेंसियों को जिन अकाउंट में लेनदेन होने के सबूत मिले थे। वह कुछ एनजीओ के थे। यह सभी एनजीओ करीब आठ से दस साल पुराने हैं। इनमें करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। ऐसे में अब एजेंसियां इन खातों से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं। वहीं, जांच एजेंसियां चकेरी के एक एनजीओ को भी संदिग्ध मानकर उसकी जांच कर रही हैं। यह एनजीओ 2011 में बना था। इसके संचालक की मौत भी हो चुकी है।