शताब्दी कहने को वीआईपी ट्रेन है पर सुविधाओं से ज्यादा इसके बारे में शिकायतों का अंबार है। दोनों ट्रेनों में प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतें खराब भोजन के बारे में दर्ज होती हैं।
पिछले चार महीनों में शिकायतों के एवज में रेलवे ने करीब एक लाख पचपन हजार रुपये आरके कैटरर्स से पेनाल्टी वसूल की है।
दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (12003/12004) और कानपुर से दिल्ली जाने वाली रिवर्स शताब्दी (12033/12034) वीआईपी ट्रेन है।
शताब्दी में यात्रियों को नाश्ता, भोजन और पानी देने की जिम्मेदारी आरके कैटरर्स को सौंपी गई है। सितंबर से दिसंबर 2014 तक ऐसा कोई भी दिन नहीं रहा जब नाश्ते और खाने की खराब क्वालिटी की शिकायत यात्रियों ने न दर्ज कराई हो।
इस बारे में आरके कैटरर्स के बेस किचन के मैनेजर मोहम्मद असलम खान ने बताया कि हां यह बात सही है कि खराब भोजन की शिकायतें लगातार यात्रियों से आ रही हैं।
ट्रेनों में चलने वाले मैनेजर खराब खाने की जानकारी नहीं देते हैं। अक्सर शिकायत दर्ज होने पर दिल्ली से पेनाल्टी की जानकारी मिलती है जो हमलोगों को इलाहाबाद मंडल में जमा करानी होती है।
सितंबर से अब तक 1,55,000 रुपये जमा कर चुके है। इसे बारे में अपने उच्चाधिकारियों से बात करेंगे।
बोले, जिम्मेदार
समय-समय पर खानपान विभाग भी चेकिंग करता है। खाने के नमूने भी भरे जाते हैं और नमूने गलत आते हैं तो पेनाल्टी भी वसूली जाती है। यदि सुधार नहीं होता है तो निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई होगी।
-नवीनबाबू, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे