कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की बैठकों और चेतावनियों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं दिखा। इसका सीधा असर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मार्च माह की रैंकिंग में सामने आया है। जिला 8.78 अंक के साथ 64वें स्थान पर पहुंच गया है। अंकों में मामूली वृद्धि के बावजूद रैंकिंग गिरी, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठे। दिसंबर में जिला 54वें स्थान पर था। जनवरी में यह 58वें (8.76 अंक) और फरवरी में 59वें स्थान पर पहुंच गया। अब मार्च में पांच अंक और रैंकिंग गिर गई है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर आम जनता से जुड़ी योजनाओं का मूल्यांकन होता है। इनमें दिव्यांग पेंशन, मातृत्व-शिशु एवं बालिका कल्याण, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण जैसी योजनाएं हैं। बिजली आपूर्ति, शिक्षा, सड़क निर्माण, सामूहिक विवाह, आवास और जल जीवन मिशन भी इसमें आते हैं। इनकी प्रगति और समय पर जानकारी देने से ही जिले की रैंकिंग तय होती है। कई विभाग समय पर डाटा अपडेट नहीं कर पा रहे, जिससे स्थिति बिगड़ी। मार्च में विकास कार्यों में जिला 45वें स्थान पर और राजस्व वसूली में 68वें स्थान पर रहा। फरवरी में विकास कार्यों में 47वां और राजस्व वसूली में 62वां स्थान था।