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एक दशक बाद फिर बुलंद हुई 'बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई'

Fri, 29 Jun 2018 06:44 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अनशन करते बुंदेली समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कई दशक से चल रही अलग बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग एक बार फिर बुलंद हो गई। अब अलग बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर बुंदेली समाज ने बिगुल फूंक दिया है और अनिश्चितकालीन अनशन शुरु कर दिया है। अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को खासा समर्थन मिल रहा है। प्रतिदिन नए नए लोग आकर अनशन में सहयोग कर रहे है। जिससे करीब एक दशक से ठंडी पड़ी अलग राज्य निर्माण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।  
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वर्ष 1989 में बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की शुरुआत झांसी के शंकरलाल मेहरोत्रा ने की थी। तब से बुंदेलखंड के नाम पर अनेक संस्थाएं और पार्टियां बनीं। जिन्होंने एक जुट होकर समय समय पर बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी लेकिन केंद्र और प्रदेश में अलग अलग दलों की सरकारें होने के कारण अलग राज्य निर्माण की लड़ाई परवान नहीं चढ़ सकी। एक दशक पहले बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी के संयोजक संजय पांडेय के नेतृत्व में उग्र आंदोलन किया गया था। समूचा बाजार बंद कराने के साथ साथ चक्का जाम भी किया गया था लेकिन प्रदेश और केंद्र की सरकारों ने कोई तवज्जो नही दी। जिससे यह लड़ाई 2010 में बंद हो गई।
       
करीब आठ साल से अलग राज्य निर्माण की ठंडी पड़ी लड़ाई को अब बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने आंदोलन का बिगुल बजाकर गर्मा दिया है। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अलग राज्य निर्माण का आश्वासन नहीं मिलता आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सुखनंदन सिंह यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता बालूलाल यादव, अधिवक्ता समिति के महामंत्री चंद्रशेखर स्वर्णकार, सुभाष चौरसिया सहित तमाम अधिवक्ताओं ने आंदोलन में सहयोग कर बुंदेली समाज का हौंसला बढ़ाया।  
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बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की तीन दशक पहले शुरु हुई लड़ाई को बुलंद करने में सबसे पहले बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के शंकरलाल मेहरोत्रा ने शुरुआत की थी। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा को 4 सितंबर 1996 में इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने राजनैतिक दल की मान्यता दे दी थी। पूर्व श्रम मंत्री बादशाह सिंह की बुंदेलखंड इंसाफ सेना, संजय पांडेय ने बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी और गंगाचरण राजपूत ने बुंदेलखंड अधिकार सेना बनाकर लड़ाई लड़ी। तो अब बुंदेली समाज ने भी अनशन शुरु करके अलग राज्य निर्माण की लड़ाई को आवाज दी ह। फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला भी बीच बीच में इस लड़ाई को लड़ते रहे।
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