कानपुर। सेंट्रल पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम ने गुरुवार को जाजमऊ की टेनरियों की जांच शुरू की। टेनरियों के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन देखने के साथ ही उससे निकल रहे पानी के नमूने लिए। साफ-सफाई व्यवस्था से लेकर वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों की स्थिति तक का आकलन किया।
टेनरी संचालकों के बात कर एक फार्म भी भरा। इसे थर्ड पार्टी ऑडिट बताया जा रहा है। टीम में आईआईटी के इंजीनियर से लेकर सीबीसीबी के अधिकारी तक शामिल हैं। फिलहाल इस जांच से यूपी पीसीबी को अलग रखा गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) ने गुरुवार को 274 टेनरियों को नोटिस दिया। टेनरी संचालकों को मानकों का पालन करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।
एनजीटी की सख्ती और मुख्यालय के निर्देश पर यूपी पीसीबी की दो टीमें 12 दिन से टेनरियों की औचक जांच कर रही हैं। अब तक हुई 125 टेनरियों की जांच के दौरान 26 टेनरियों में कमियां मिलीं। ज्यादातर टेनरियां निर्धारित क्षमता से ज्यादा उत्पादन करती मिलीं। क्षमता से ज्यादा क्रोमियम वेस्ट बहाया जा रहा था। कुछ में प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चल रहे थे। इन्हें नोटिस दिया गया है।
गुरुवार को यूपी पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने बताया कि सभी 274 टेनरियों को नोटिस दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि 15 दिन के भीतर निर्धारित क्षमता के अनुरूप टेनरियों का संचालन न होने पर बंदी तक की कार्रवाई की जा सकती है।