कानपुर। पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को सोनभद्र जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। इसके अलावा रंगदारी से संबंधित दो अन्य मुकदमों में भी दीनू की पेशी हुई। तीनों मुकदमों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी थी। दीनू को चार्जशीट की प्रति दी गई। इसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। तीनों मुकदमों में अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी।
बसपा नेता पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में 16 लोगों के खिलाफ पहले चार्जशीट भेजी जा चुकी थी। बाद में दीनू का नाम विवेचना में सामने आने पर पुलिस ने दीनू के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। इस मुकदमे में दीनू को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे चार्जशीट की प्रति दी गई।
फजलगंज थाने में सुरेंद्र सिंह ने कोर्ट के आदेश पर 16 सितंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बेटे-बहू पर साथियों के साथ मिलकर दुकान का ताला तोड़कर कब्जा, लूटपाट करने के आरोप थे। एफआईआर में दीनू नामजद नहीं था। विवेचना के दौरान दीनू का नाम सामने आया था। इस मुकदमे में दीनू के खिलाफ धमकी देने और रंगदारी मांगने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी। इसकी प्रति भी दीनू को दी गई। इसके बाद दीनू को न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में पेश किया गया जहां नवाबगंज थाने में दर्ज मुकदमे में दीनू के खिलाफ दाखिल चार्जशीट की प्रति दीनू को दी गई। यह मुकदमा गंगा नगर सहकारी आवास समिति के निवासी नरेंद्र देव ने 17 दिसंबर 2024 को दर्ज कराया था। इसमें भी दीनू नामजद नहीं था। विवेचना के दौरान दीनू का नाम सामने आया था। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचना, रंगदारी वसूलने और षड्यंत्र की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।