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कानपुर कोल्ड स्टोरेज हादसाः एक और मजदूर ने दम तोड़ा, अब तक 6 की मौत

Sat, 18 Mar 2017 10:21 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर कोल्ड स्टोरेज हादसे के दूसरे दिन राहत बचाव कार्य चालू - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर शिवराजपुर के महिपालपुर गांव में 15 मार्च को कोल्ड स्टोरेज ढहने से घायल हुए मजदूर ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। हादसे में मरने वालों की संख्या अब छह हो चुकी है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा लखनऊ भेजा गया है। 
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बिहार दरभंगा कुसेसर निवासी पवन कुमार (28) शिवराजपुर के कटियार कोल्ड स्टोरेज में मजदूर था। पवन अपने पीछे पत्नी कंचन, बेटा सोमदत्त और बेटी गुड़िया छोड़ गया। बता दें कि शिवराजपुर के महिपालपुर स्थित कटियार कोल्ड स्टोरेज ढहने से पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को हैलट में भर्ती कराया गया था। बुधवार शाम को राहत और बचाव कार्य में जुटी नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ) ने भी साइट को क्लीयर घोषित कर दिया था।  
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ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया रोड जाम - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
वहीं गुरुवार को खबर सामने आई है कि राहत बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ टीम ने साइट को क्लियर घोषित कर दिया है। इसके साथ ही काम को रोक दिया गया है।  

उधर, ग्रामीणों ने मुआवजे को लेकर चक्का जाम कर दिया है। बताया जा रहा है ग्रामीणों ने एक मृतक के शव को बीच सड़क पर रखकर यातायात ठप्प कर दिया है। इस घटना पर लोगों का गुस्सा कायम है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

बता दें गुरुवार सबुह एनडीआरएफ टीम ने जेसीबी मशीन से मलबा हटाने का काम शुरू ही किया था कि पता चला स्टोरेज मालिक से टीम के सदस्यों की बात हुई जिसमें स्टोरेज के मालिक ने मलबे तले किसी के दबे होने की बात से इंकार कर दिया। 

 

मौके पर एनडीआरएफ टीम - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
इसके बाद एनडीआरएफ टीम ने अपना काम रोक दिया। हालांकि कल इस घटना को बहुत बड़ा बताया जा रहा था और कहा जा रहा था कि बचाव कार्य अगले 48 घंटों तक जारी रह सकता है। यह भी संभावनाए जताई गई थी कि मलबे तले अब भी कुछ लोगों के दबे होने की संभावना है। लेकिन स्टोरेज के मालिक के बयान से स्थिति साफ हो गई है।   

घटना के बाद राहत और बचाव कार्य की कमान नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ) की लखनऊ से आई 11वीं बटालियन की 34 सदस्यीय टीम ने संभाला रखा था। 

कानपुर कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम की - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
मौक से घायलों और मृतकों को निकाले जाने के बाद भी प्रशासन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। इस हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ये लगातार मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसके लिए इन्होंने घटना स्थाल के पास से गुजरने वाली मुख्य सड़क को भी बंद कर दिया है। 

ये मांग कर रहे हैं कि जब तक इन्हें मुआवजा नहीं मिलता ये रास्ते से नहीं हटेंगे। हालांकि पुलिस ने इन्हें समझा बुझाकर रास्ता क्लियर करने को कहा लेकिन भीड़ ने एक न सुनी।  

ग्रामीणों से बातचीत करते सीडीओ - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
मामले की गंभीरता को समझते हुए कुछ बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि सीडीओ ने ग्रामीणों से बातचीत कर रास्ता निकालने की बात कही है।  



 

धराशायी हुए कोल्ड स्टोरेज की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
ऐसे हुआ था हादसा
कानपुर शहर से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र शिवराजपुर के कटियार कोल्ड स्टोरेज में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया। उसके बाद कोल्ड स्टोरेज में एक जोरदार धमाका हुआ। देखते ही देखते कोल्ड स्टोरेज की छत नीचे गिर गई। उस समय कोल्ड स्टोरेज में करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर दोपहर का खाना खा रहे रहे थे।

धमाके के साथ कोल्ड स्टोरेज की छत इतनी तेज आवाज में गिरी कि सड़क के दूसरी तरफ कानपुर रेलवे पटरी पर खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन के यात्री ट्रेन में धमाका समझकर ट्रेन से नीचे उतर कर दौड़ने लगे। धमाका होते ही आसपास इतनी तेजी से गैस फैली कि लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग बाहर निकल आए।

 
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कानपुर कोल्ड स्टोरेज का मलबा - फोटो : अमर उजाला, कानपुर, अमर उजाला
कटियार कोल्ड स्टोरेज में इस बार दो नए चेंबर बनाए गए थे। मौजूदा समय में लोडिंग का काम जारी था। अमोनिया सिलेंडर फटने से यह दर्दनाक हादसा हुआ है। इस हादसे में 5 लोगों की जान चली गई जबकि दर्जनभर लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इस बार आलू की पैदावार अधिक होने से तय क्षमता से अधिक स्टोरेज किया गया था।
 
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