कानपुर देहात। रसूलाबाद के बंदरहा के पास से गुजरी पांडु नदी पर पुल की मंजूरी मिली है। पहली किस्त जारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार चयन की प्रक्रिया शुरू की है। यह पुल कानपुर देहात व कन्नौज जनपद को जोड़ेगा। इससे 15 किमी का चक्कर बचेगा और 12 गांवों की लगभग 60 हजार आबादी को सहूलियत होगी।
मिर्जापुर लकोठिया के मजरा बंदरहा के करीब से पांडु नदी बहती है। नदी के दूसरी तरफ कन्नौज जनपद का बिहारीपुर गांव है। यहां नदी के दूसरी ओर सिमरिया प्रमुख बाजार है। वहां इंटर कॉलेज भी है। दूसरे रास्ते से 11 किमी का चक्कर है। नदी पर पुल बनाने की मांग अर्से से हो रही थी। किसी ने सुना नहीं तो बंदरहा, मिर्जापुर लकोटिया, फत्तेपुर लकोठिया, गड़रियनपुरवा व कोला आदि 12 गांवों के लोगों ने चंदा कर कई साल पहले नदी में छह आरसीसी खंभे बनवाए। इसके ऊपर बांस-बल्ली से अस्थायी पुल बना लिया। अब इसी से आवाजाही की जा रही है।
बारिश में नदी का पानी उफान मारता है। इधर, बांस-बल्ली का पुल जर्जर होने से यहां से आवाजाही में लोगों को हादसे का डर सताता है। क्षेत्रीय विधायक पूनम संखवार ने नदी पर पुल निर्माण के लिए पहल की। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेजा। अब शासन ने पुल निर्माण की मंजूरी दी है। पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। यह पुल करीब 3.46 करोड़ की लागत से बनेगा। साढ़े सात मीटर चौड़ा और 37.5 मीटर लंबा पुल बनेगा। करीब एक साल में काम पूरा कराने का लक्ष्य है। सहायक अभियंता विमल कुमार मिश्र ने बताया कि नवंबर में काम शुरू होने की उम्मीद है।
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बंदरहा में पांडु नदी पर पुल मंजूर हो गया है। विधायक पूनम संखवार की पहल पर प्रस्ताव भेजा गया था। अब शासन से मंजूरी मिल गई है। ठेकेदार चयन की प्रक्रिया की जा रही है। जल्द काम शुरू कराया जाएगा। नदी पर पुल बनने से कानपुर देहात व कन्नौज जनपद इस रास्ते से जुड़ जाएंगे। इसका फायदा लोगों को मिलेगा। - सुनील कुमार सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
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इन गांवों के लोगों को मिलेगी सहूलियत
पुल बनने से पांडु नदी किनारे रसूलाबाद की तरफ बंदरहा, मिर्जापुर लकोठिया, फत्तेपुर लकोठिया, गड़रियनपुरवा, कोला, पछयान पुरवा समेत करीब 12 गांवों के लोगों की दूसरी ओर आवाजाही सुगम होगी। वहीं कन्नौज की तरफ बिहारीपुर, धर्मपुर, सिमरिया आदि गांवों के लोग इस तरफ आसानी से आवाजाही कर सकेंगे।
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छात्रों की सुगम होगी कॉलेज तक आवाजाही
बंदरहा निवासी अशोक कुमार, अजीत, रामप्रसाद आदि ने बताया कि इंटर कॉलेज नदी के दूसरी ओर सिमरिया में है। नदी के इस तरफ के सभी 12 गांवों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए सिमरिया के कॉलेज तक जाना पड़ता है। सबसे बड़ी परीक्षा नदी पर बांस-बल्ली का अस्थायी जर्जर पुल पार करने की होती है। पुल पर हादसे की आशंका से कॉलेज की छुट्टी के समय अभिभावक नदी किनारे पहुंच कर छात्रों के आने का इंतजार करते हैं। अब पुल बनने की मंजूरी मिली है तो आवाजाही सुगम होगी। कॉलेज में पढ़ने जाने वाले छात्रों को जर्जर पुल से नदी पार करने की जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी।
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भंवरपुर में नहर पर पुल की आस लगाए लोग
रूरा के करीब भंवरपुर गांव से होकर खारजा नहर निकली है। लोग खारजा नहर पर बांस-बल्ली के बनाए पुल के सहारे दूसरी ओर खेतीबाड़ी करने जाते हैं। गांव के अशोक व सुरेश ने बताया कि बांस-बल्ली के पुल से हादसे का खतरा रहता है। जरा सी चूक से नहर में गिरने का डर है। बारिश में खारजा नहर में पानी अधिक होता है तब परेशानी अधिक होती है। बीते अप्रैल में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने स्थलीय निरीक्षण कर समाधान का भरोसा दिया था। राज्यमंत्री का कहना है कि खारजा नहर पर पुल बनाने के लिए जरूरी पत्राचार किया गया है। शासन की मंजूरी मिलने पर पुल बनाया जाएगा।