कानपुर। डीएवी पीजी कालेज के टीचर्स के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर शनिवार को प्रस्तावित मौन जुलूस पर टकराव हो गया है। शहर में धारा-144 लागू होने का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने जुलूस की अनुमति नहीं दी है लेकिन डिग्री टीचर्स जुलूस निकालने पर आमादा हैं। उनका कहना है कि टीचर्स को जबरदस्ती रोका गया तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे। सभी टीचर्स गिरफ्तारी देंगे। हड़ताल का दायरा प्रदेश के 14 जिलों में फैला देंगे।
टीचर्स से मारपीट के विरोध में डीएवी, डीबीएस, डीसी लॉ, डीजी और महिला महाविद्यालय में हड़ताल हो गई है। यहां के टीचर्स काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पीपीएन, वीएसएसडी, बीएनडी सहित अन्य कालेजों से भी समर्थन मांगा गया है, ताकि शनिवार के प्रस्तावित मौन जुलूस को सफल बनाया जा सके। डीएवी की प्रिंसिपल डा. रेखा शर्मा ने बताया कि शनिवार को सभी डिग्री टीचर्स डीएवी में इकट्ठा होंगे और काली पट्टी बांधकर श्रृंखला बनाएंगे। फिर मौन जुलूस निकलेगा। यह जुलूस वीआईपी रोड स्थित कमिश्नर दफ्तर तक जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर को दिया जाएगा। इसमें डीएवी के चीफ प्राक्टर, टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री सहित अन्य टीचर्स के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करके जेल भेजने की मांग शामिल रहेगी। जुलूस निकालने की जानकारी जिला प्रशासन को पहले ही दी जा चुकी है। कूटा अध्यक्ष डा. आरके सिंह और महामंत्री डा. देवेंद्र अवस्थी ने बताया कि डिग्री टीचर्स के जुलूस में वह भी शामिल रहेंगे।
शहर में धारा 144 लागू है। इसलिए जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। इसकी जानकारी महाविद्यालय प्रशासन को दी जा चुकी है। बिना अनुमति जुलूस निकालना गलत है। ऐसा हुआ तो कार्रवाई की जा सकती है। - अनूप कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी
मौन जुलूस निकालने की जानकारी जिला प्रशासन को पहले दी जा चुकी है। जुलूस रोकने की कोशिश हुई तो डिग्री टीचर्स गिरफ्तारी देंगे। - डा. अवधेश सिंह, चीफ प्राक्टर डीएवी पीजी कालेज