कानपुर। पाकिस्तान से आने वाले लोगों से शहर में पोलियो का खतरा पैदा हो गया है। यहां हर साल औसतन 60 व्यक्ति पाकिस्तान से आते हैं। तकरीबन इतने ही यहां से पाकिस्तान जाते हैं। इसमें बांग्लादेशियों की गिनती नहीं है। पोलियो वायरस पाकिस्तान और बांग्लादेश से शहर में आ सकता है। जिले में पोलियो जैसे लक्षण वाले रोग एएफपी के केस बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एलर्ट घोषित किया है। सभी डाक्टरों को निर्देश हैं कि एएफपी का केस आने पर फौरन सूचना दें। साथ ही सीवर सैंपल की भी जांच कराई जाएगी।
नेशनल पोलियो सर्वेलेंस प्रोग्राम ने शहर में पोलियो के खतरे से आगाह किया है। इससे डब्लूएचओ और यूनीसेफ की टीमें सक्रिय हो गई हैं। डॉ जय सिंह अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने हर ब्लाक में विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम के आदेश जारी कर दिए हैं। पोलियो को पकड़ने के लिए एएफपी के मामलों की जांच की जा रही है। सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ सेंटरों के अलावा स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डाक्टरों से भी पैरों में कमजोरी वाले रोगियों की सूचना भेजने के लिए कहा है।
यूनीसेफ के सब रीजनल कोआर्डिनेटर आदिल अदीब ने बताया कि सीवर के सैंपल की भी जांच कराई जाएगी कि इसमें पोलियो वायरस तो नहीं है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों के छूटे बच्चों को दवा पिलाने के लिए खास दस्तों का गठन किया गया है। अपर निदेशक डॉ सिंह ने बताया कि नाइजीरिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में पोलियो फैला है। शहर में पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों की आवाजाही लगी रहती है। प्रदेश में पाकिस्तान से सबसे अधिक लोग शहर में आते हैं।