कानपुर। ओईएफ में कांस्टेबल को पीटने और बंधक बनाने के मामले में कैंट पुलिस ने एजीएम समेत नौ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इधर, ओईएफ कर्मी रौनक कुमार की तहरीर पर कांस्टेबल पर भी रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
कैंट थाने के सबइंस्पेक्टर राहुल कुमार की तहरीर पर ओईएफ के एजीएम बीपी मिश्रा, कर्मचारी रौनक कुमार, अशोक, अरिवंद, विकास राय, शिव कुमार, दीपक शुक्ला, श्याम शुक्ला, वीके विधुवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनके खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा, अवैध तरीकेसे कमरे में बंधक बनाए रखना, गाली-गलौच, धमकी, मारपीट और लूट की धाराएं लगी हैं। इधर, कर्मचारी रौनक कुमार ने भी कांस्टेबल जितेंद्र कुमार यादव के खिलाफ मोबाइल, एटीएम कार्ड, परिचय पत्र, कैंटीन और फैमिली कार्ड लूट लेने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कांस्टेबल के खिलाफ भी लूट की एफआईआर दर्ज की है। कैंट थानाध्यक्ष श्रवण कुमार यादव ने बताया कि दोनों पक्षों ने एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच चौकी प्रभारी वीके रस्तोगी को सौंपी गई है।
मालूम हो कि ओईएफ कर्मचारी रौनक कुमार और कैंट थाने में तैनात कांस्टेबल जितेंद्र सिंह यादव के बीच शुक्रवार को विवाद हुआ था। इसके बाद ओईएफ कर्मियों ने कांस्टेबल को फैक्ट्री के अंदर घसीटकर पीटा था। साथ ही कांस्टेबल को चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। बड़ी मुश्किल से दो थानों की फोर्स उसे छुड़ा सकी थी।
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‘कांस्टेबल के साथ कोई अभद्रता नहीं हुई थी’
ओईएफ मजदूर संघ के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह चौहान और कर्मचारी अवधेश सिंह ने बताया कि कांस्टेबल के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई थी। उसे कर्नल साहब ने पूछताछ के लिए अपने कक्ष में बुलाया था। पर, जब तक हम लोग पहुंचते कर्नल जा चुके थे। पुलिस के इंतजार में हम लोगों ने कांस्टेबल को बिठाए रखा। पुलिस वालों ने आने में देर कर दी। इस वजह से कांस्टेबल को छोड़ने में देरी हुई। वे कांस्टेबल को नहीं पहचानते थे। इससे पहले कांस्टेबल बनकर ओईएफ कर्मी दिनेश वर्मा के साथ एक युवक ने टप्पेबाजी की थी। जब वे लोग कैंट थाने गए। तब पता चला था कि ऐसा कोई कांस्टेबल थाने में तैनात नहीं है। जितेंद्र भी खुद को कांस्टेबल बता रहा था। वह झूठ न बोल रहा हो। इस वजह से पुलिस के आने तक उसे फैक्ट्री के भीतर बिठाकर रखा गया था।