कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में नियुक्ति पाने वाले टीचर्स की सीनियारिटी पूरी हो चुकी है, फिर भी उन्हें निर्धारित वेतनमान, पदनाम नहीं मिल रहा है। टीचर्स ने गत शुक्रवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन से मुलाकात की। सभी ने कहा कि 10 साल से काम करने वाले टीचर्स का वेतनमान यूनिवर्सिटी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से भी कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
यूनिवर्सिटी कैंपस के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में फिक्स वेतन पर काम करने वाले टीचर्स परेशान हैं। उनका कहना है कि कई टीचर्स की नियुक्ति वर्ष 2004 में हुई है, फिर भी उन्हें प्रवक्ता का 29 हजार रुपये वेतनमान दिया जा रहा है। 10 साल तक नौकरी करने वालों को वरिष्ठ प्रवक्ता माना जाना चाहिए, उसी हिसाब से 36900 रुपये का वेतन मिलना चाहिए। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने वरिष्ठता का अनुभव बढ़ाकर पांच साल कर दिया है लेकिन आठ साल से यूनिवर्सिटी कैंपस में पढ़ाने वाले को प्रवक्ता माना जा रहा है। एक साल पहले नियुक्ति पाने वाले फिक्स वेतनमान के टीचर भी 10 साल से पढ़ाने वाले टीचर के समान वेतन पा रहे हैं। यह बड़ी वेतन विसंगति है। यूनिवर्सिटी में वेतनमान निर्धारण या प्रोन्नति देने की कोई नियमावली नहीं है। इससे टीचर्स तनाव में हैं। अब समस्या का समाधान होना चाहिए।
इनसेट
इन टीचर्स को नहीं मिल सका वेतनमान, पदोन्नति
डॉ. एके सिंह, डॉ. जितेंद्र डबराल, विशाल चंद्र, नीरजा श्रीवास्तव, शाश्वत कटियार, आनंद गुप्ता, अमित वीरमानी, नीरज कुमार, दिग्विजय शर्मा, बृजेश स्वरूप कटियार, डॉ. सिधांशु राय, डॉ. अनुपमा यादव, कल्पना अग्निहोत्री, रूचिका कृष्णा, चंद्रशेखर कुमार, नेहा शुक्ला, मनीषी त्रिपाठी, सचिन शर्मा, अखिलेश दीक्षित, अपर्णा कटियार।
कोट:::
प्रवक्ता को वेतनमान बढ़ोत्तरी की अंतिम राहत दी गई है। जल्द ही वेतन बढ़ोत्तरी और पदोन्नति का विवाद सुलझाया जाएगा। इस संबंध में टीचर्स ने ज्ञापन दिया है। इसका कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। जो फैसला होगा, उसमें टीचर्स का ध्यान रखा जाएगा।
प्रो. जेवी वैशंपायन, कुलपति सीएसजेएम यूनिवर्सिटी