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गुलाबी गैंग पर पब्लिक लाल, कहा कार्रवाई हो

Mon, 23 Jun 2014 05:32 AM IST
Kanpur
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कानपुर। पार्क में बैठे बालिग लड़के-लड़कियों से तालिबानी अंदाज में अभद्रता करने और पैर छुआने के गुलाबी गैंग के कारनामे से शहर की जनता गुस्से से लाल है। पब्लिक का कहना है कि यह सरासर गुंडई है। जनता के अधिकारों का हनन है। अराजकता फैलाने वालों को पुलिस और प्रशासन सबक सिखाए वरना हम लोग इन्हें सुधार देंगे। सैकड़ों लोगों ने ‘अमर उजाला’ को फोन कर आक्रोश जाहिर किया। लोग इस कदर आक्रोशित थे कि एक फोन आता और बात खत्म हो पाती कि तब तक पांच-छह मिस्ड कॉल आ जाती थीं। युवक, युवतियों और हर उम्र के लोगों ने इसका विरोध किया है। इन लोगों ने कहा कि इस तरह की मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है वरना कोई भी इस तरह कानून तोड़ते हुए मनमानी करने पर उतारू हो जाएगा। युवक-युवतियों का गुस्सा तो इस कदर सामने आया कि उन लोगों ने कह डाला, मोतीझील, तुलसी उपवन, मॉल्स और मल्टीप्लैक्स बंद करा दिए जाएं क्योंकि अगर यह खुले रहेंगे तो हम लोग सुकून से बैठने के लिए जाते रहेंगे। यह भी कहा कि अगर अब किसी ने इस तरह का दुस्साहस किया तो ठेठ कनपुरिया अंदाज में सबक सिखा देंगे। यह कृत्य माफी योग्य नहीं, ऐसे तो अराजकता फैलेगी। कई ने कहा, संस्था का रजिस्ट्रेशन भी कैंसिल कराए प्रशासन, अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो मामले को कोर्ट में ले जाएंगे।
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गुलाबी गैंग विकृत विचारधारा का बौद्धिक आतंकवाद फैलाने की दोषी है। इस संस्था का रजिस्ट्रेशन निरस्त होना चाहिए। शुक्र करें कमांडर कि उन्हें कोई ठेठ कनपुरिया नहीं मिला, वरना सबक सिखा देता।
- अनुराग मिश्रा, बिठूर


गुलाबी गैंग से कहिए मोतीझील में ताला डलवा दें। मॉल्स और मल्टीप्लैक्स भी बंद करा दें। अगर ये खुले रहेंगे तो युवक-युवतियां तो जाते रहेंगे। प्यार करना कोई गुनाह नहीं है। हम युवक-युवतियों ने ठान लिया तो कमांडर को कहीं ठौर नहीं मिलेगा, इसलिए हमें भड़काएं नहीं।
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- नीलोफर, चमनगंज

यह घटना काफी शर्मनाक है। पब्लिसिटी पाने के लिए घटिया फार्मूला अपनाया गया। गुलाबी गैंग की महिलाओं को सोचना चाहिए था कि वह खुद भी महिलाएं हैं। उनके साथ कोई ऐसा कृत्य करे तो कैसा लगेगा।
- राम कुमार कुशवाहा, नौबस्ता हमीरपुर रोड

किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पहली बात तो युवक-युवतियां बैठकर बातें कर रहे थे। अगर कुछ गलत भी दिखा तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए। यह शर्मनाक है। कार्रवाई होनी चाहिए।
- राम कुमार स्वर्णकार, कल्याणपुर

सामाजिक संगठनों का काम सेवा करना होता है। गुलाबी गैंग का यह काम शर्मनाक है। सामाजिक संगठनों की समाज के प्रति जिम्मेदारी ज्यादा होती है। कानून नहीं तोड़ना चाहिए था।
- मनोज सेंगर, प्रमुख युग दधीचि देहदान अभियान

कोई भी किसी की आजादी पर डाका नहीं डाल सकता। कानून हाथ में लेने वालों को सबक मिलना चाहिए, वरना ऐसी घटनाएं बढ़ेगी।
- मनोज अरोड़ा, गुमटी

अगर कहीं कोई गड़बड़ी हो रही है तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए। इस तरह का शर्मनाक काम करने वाली महिलाएं पहले अपने गिरेबान में झांकें। पुलिस खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई करे।
- आशीष त्रिपाठी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

गुलाबी गैंग को समाज सेवा का इतना भूत सवार है तो हृदय रोग संस्थान और हैलट में जाकर मरीजों की सेवा करे। मरीज दुआएं देंगे। इस तरह युवक-युवतियों की सरेआम बेइज्जती कर बददुआएं न ले।
- अविनाश तिवारी, नौबस्ता

पुलिस और प्रशासन गुलाबी गैंग पर कार्रवाई करे। अगर कार्रवाई न हुई तो अन्य संगठन भी इस तरह की अराजकता फैलाते हुए कानून-व्यवस्था को खतरा पैदा करेंगे।
- पदम तिवारी, कल्याणपुर

गुड कवरेज, गुलाबी गैंग को सही आईना दिखाया। लोगों को बढ़-चढ़कर विरोध के लिए सामने आना चाहिए। कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- डॉ. सत्येंद्र चौहान, कुमार एकेडमी
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अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो युवक-युवतियां खुद सबक सिखा देंगे।
- पवन कटियार, बर्रा आठ
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गुलाबी गैंग पर कार्रवाई नहीं हुई तो और अराजकता फैलेगी, इसलिए पुलिस खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। वरना पब्लिक सबक सिखा देगी।
- बीएल मालवीय, जन विकास परिषद
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क्या समझ रखा है, कोई भी चार महिलाएं और पुरुष इकट्ठा होंगे और मनमानी करने लगेंगे। इन्हें अराजकता फैलाने से रोकिए वरना हालात बिगड़ जाएंगे।
- सुनील श्रीवास्तव, मसवानपुर
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किसी को युवक और युवतियों को बेइज्जत करने का अधिकार नहीं है। समाज की अच्छाई के लिए सिस्टम के तहत अभियान चलाना चाहिए।
- दीपक चौरसिया, सिविल डिफेंस
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क्या कमांडर को यह पता नहीं है कि बालिग युवक-युवती को कोर्ट से लिव इन रिलेशनशिप तक का अधिकार मिला है। युवतियों के साथ इस तरह बर्ताव शर्मनाक है। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- लक्ष्मी नारायण भारती
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गुलाबी गैंग को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए था। अगर कुछ गलत हो रहा था तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी।
- कपिल नाथ सिंह, रिटायर्ड अफसर, लेबर कमिश्नर दफ्तर
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किसी को सताने का जुर्म इतना भारी किया तुमने,
अपने फर्ज से हर मक्कारी किया तुमने।
कोर्ट ने भी बालिगों को हक दिए हैं सब,
तो उनको रोकने का फतवा क्यों जारी किया तुमने।
- हेमंत पांडेय, हास्य व्यंग कवि
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किसी को भी पार्क या अन्य जगह पर बैठकर बात करने की आजादी है। इस तरह की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- खुशबू पांडेय, बर्रा
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पुलिस और प्रशासन इस मामले पर गंभीरता दिखाए, वरना माहौल बिगड़ेगा। खुद संज्ञान लेते हुए गुलाबी गैंग पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- त्रिलोकी नाथ गुप्ता
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गुलाबी गैंग ने शेम-शेम। कमांडर खुद एक महिला हैं। उन्हें किसी युवती की बेइज्जती कर खुद पैर छुआने में शर्म नहीं आई। सुधर जाओ, वरना पब्लिक सबक सिखाएगी।
- पुष्प कमल परिहार, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय मानव कल्याण समिति महिला प्रकोष्ठ
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सवाल पर जवाब
- गुलाबी गैंग का कारनामा शर्मनाक है, लेकिन ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुलाबी गैंग को ऐसा शर्मनाक काम करते हुए पहले रोका क्यों नहीं?
- अमन तिवारी, कल्याणपुर
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- ‘अमर उजाला’ की मंशा इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए पब्लिक को दिखाने की थी। हमारे पास मजनूं पकड़ो अभियान चलाने का गुलाबी गैंग का प्रेस नोट आया था, उसी समय हमने तय कर लिया था कि इस मामले पर पूरी नजर रखते हुए पब्लिक के सामने लाया जाएगा। पूर्व एसएसपी यशस्वी यादव ने जब मजनूं पकड़ो अभियान चलाया था तब भी हमने इसका विरोध किया था। जेड स्क्वायर में छापा मारकर रेस्टोरेंट में बैठे युवक-युवतियों की बेइज्जती पर भी हमने विरोध जताया था और आगे भी करते रहेंगे। जिस देश में कोर्ट ने बालिगों को लिव इन रिलेशनशिप का अधिकार दे रखा हो वहां इस तरह के अभियान नहीं चलने चाहिए।
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